जालंधर, ENS: कनाडा के ब्रैम्पटन में पंजाबी मूल के वीजा किंग चन्नी भाई को लेकर मामला सामने आया है। दरअसल, चन्नी भाई विवादों में घिर गए है। कनाडाई लोगों ने लग्जरी लाइफ के शो आफ पर आपत्ति जाहिर की है। इसके साथ ही कनाडा के गारंटेड वीजा के दावे और हाथ में ढाई करोड़ की घड़ी के चलते स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की है। इसके बाद से वीजा किंग पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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<स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर कमेंट कर कहा कि कनाडा के लोग इस वक्त महंगाई के दौर से गुजर रहे हैं। यहां लोगों के पास पैसा नहीं है और पंजाबी मूल का वीजा किंग अपनी बाजू पर ढाई करोड़ की घड़ी बांध रहा है। इसके लिए थी उसकी एक वीडियो सामने आई है जिसमें उसने दफ्तर के टेबल पर वीजा का ढेर लगाकर रखा है। चन्नी भाई नामक वीजा किंग पंजाबी मूल के लोगों को बड़ी संख्या में वीजा दिलाने का दावा करता है। इस भी स्थानीय लोगों ने आब्जेक्शन लगाते हुए कहा है कि कनाडा में वीजा नियम सख्त होने पर ऐसा कैसे हो सकता है। इसकी इमिग्रेशन नियम के अनुसार जांच होनी चाहिए।
कनाडा के कंटेट क्रिएटर्स ने चन्नी भाई की वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसने अपनी कलाई पर जो घड़ी बांध रखी है वो रिचर्ड मिल ब्रांड की है। घड़ियों के जानकारों का मानना है कि इस घड़ी की शुरुआती कीमत ही करोड़ों में होती है। कनाडा में इसक ब्रांड की शुरूआती कीमत 3 लाख डॉलर (लगभग 2.5 करोड़ रुपए)है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कनाडा पहले से ही हाउसिंग क्राइसिस, बेरोजगारी और बढ़ती जनसंख्या के दबाव से जूझ रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यह दिखावा उन लाखों प्रवासियों की मजबूरी का फायदा उठाकर किया जा रहा है जो कनाडा में बसने के लिए अपने जीवन भर कमाया पैसा दांव पर लगा देते हैं। कनाडाई पुलिस (RCMP) और इमिग्रेशन विभाग (IRCC) ने चन्नी भाई की वायरल वीडियो के बाद फर्म निगरानी शुरू कर दी है।
इसके साथ ही सरकार ने उनके लाइसेंस और आर्थिक लेनदेन की जांच के लिए राजस्व विभाग को सूचित किया है। साथ ही चन्नी भाई की कंपनी से प्रोसेस किए गए पुराने वीजा आवेदनों की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। वीजा किंग के नाम से मशहूर चन्नी भाई भारतीय मूल के हैं और ओंटारियो के ब्रैम्पटन में अपनी एजेंसी चलाते हैं। वे सोशल मीडिया पर अपने गारंटीड वीजा के दावों और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। वे मुख्य रूप से पंजाब से आने वाले युवाओं को टारगेट करते हैं और खुद को इमिग्रेशन का सबसे बड़ा खिलाड़ी बताते हैं। बात दें कि इस वक्त कनाडा में लगभग 20 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो कुल जनसंख्या का लगभग 5% है। हर साल भारत से लाखों छात्र और श्रमिक कनाडा जाते हैं।
