सस्केचेवानः कनाडा में नस्लीय टिप्पणी पर सिख सिक्योरिटी गार्ड द्वारा महिला को थप्पड़ जड़ने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। घटना को लेकर स्टोर में खड़े लोगों ने विरोध किया और इसकी शिकायत प्रिंस अल्बर्ट शहर की पुलिस को दी। प्रिंस अल्बर्ट पुलिस ने स्टोर से सीसीटीवी वीडियो फुटेज कब्जे में ले ली है। पुलिस का कहना है कि इस बात की जांच की जा रही है कि थप्पड़ के पीछे वजह क्या है। क्या ये हमला है या बचाव के लिए ऐसा किया गया है। फिलहाल सिक्योरिटी गार्ड को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच चल रही है।
जानकारी मुताबिक, वीडियो सस्केचेवान के एक स्टोर का है। यहां प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड और एक महिला के बीच बहस होती है। सिक्योरिटी गार्ड ने पुलिस को बताया कि महिला सामान को इधर-उधर कर रही थी। उसे ढंग से पेश आने के लिए कहा था। मगर वह बहस करने लगी। वीडियो में एक स्थानीय महिला किसी आदमी के साथ खड़ी दिखाई देती है। इस दौरान सिख सिक्योरिटी गार्ड उसे किसी बात तो लेकर टोकता है तो महिला पहले उसे अंग्रेजी में गाली देती है और उसके बाद तेजी से उसकी पगड़ी की तरफ हाथ बढ़ाती है। महिला जैसे ही सिख सिक्योरिटी गार्ड की पगड़ी-दाढ़ी की तरफ हाथ बढ़ाती है तो सिक्योरिटी गार्ड भी गुस्से में आ जाता है। पहले वह पीछे हटता है, लेकिन इसके बाद महिला को जोर से एक थप्पड़ जड़ देता है। इसके बाद महिला उसे फिर से गालियां देने लगती है। कुछ स्थानीय लोग थप्पड़ का विरोध करते हैं, जिनको दूसरा सिख सिक्योरिटी गार्ड रोक देता है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस (PAPS) ने मामले की जांच शुरू कर दी। सुरक्षा एजेंसी ने जांच पूरी होने तक गार्ड को स्टोर से हटवा दिया है। यह मामला इसलिए भी ज्यादा सेंसिटिव हो गया है क्योंकि प्रिंस अल्बर्ट में हाल के महीनों में सुरक्षा कर्मियों की ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। महिला को थप्पड़ मारने की घटना के बाद सस्केचेवान के मानवाधिकार संगठनों ने सुरक्षा गार्डों की ट्रेनिंग की मांग उठाई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पंजाबियों का सपोर्ट मिल रहा है। इसके साथ ही इसे धर्म से जोड़कर देखा जा रहा है। नेट पर बहस छिड़ गई है कि सिखी के सिद्धांतों और सेल्फ डिफेंस के लिए हमला करना बुरा नहीं है। फिलहाल सस्केचेवान प्रशासन ने बढ़ती हिंसक घटनाओं के मद्देनजर सिक्योरिटी गार्ड के लिए निर्धारित काम के 40 घंटे की छूट की समीक्षा के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि कनाडा में गार्ड को इस तरह से ट्रेंड किया जाता है कि वह उकसावे की चरम सीमा पर भी किसी पर हाथ न उठाएं।
