लुधियानाः जिले के कासाबाद में बच्चे की गर्दन की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार 9 वर्षीय बच्चा 3 दिन से लापता था। पुलिस द्वारा बच्चे की तालाश जारी थी। वहीं आज संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार शाम को उसका शव कासाबाद गांव के पास झाड़ियों में मिला। उसकी पहचान अमन के रूप में हुई है।
इस घटना के बाद लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
थानों के चक्कर लगाता रहा परिवार
बच्चे के लापता होने के बाद परिवार सबसे पहले सलेम टाबरी थाना पहुंचा, लेकिन वहां पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह इलाका उनके थाने में नहीं आता। इसके बाद परिवार बस्ती जोधेवाल थाना गया, वहां भी यही जवाब मिला।
इसके बाद परिजन मेहरबान थाना और फिर लाडोवाल थाना पहुंचे, लेकिन चारों थानों से उन्हें यही सुनने को मिला कि मामला उनके इलाके का नहीं है। आखिर में जब शव कासाबाद गांव के पास झाड़ियों में मिला, तो यह इलाका सलेम टाबरी थाना क्षेत्र का ही निकला।
घर के बाहर खेलते वक्त हुआ था लापता
बच्चे की मां अनीषा ने बताया कि अमन 5 तारीख को घर के बाहर खेल रहा था। वह पतंग उड़ा रहा था, तभी अचानक गायब हो गया। उसकी उम्र सिर्फ 9 साल थी। मां का कहना है कि वे तीन दिन तक जगह-जगह भटकते रहे, थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अगर पुलिस समय रहते मदद करती, तो शायद उनका बच्चा आज जिंदा होता।
घर से महज 50 मीटर दूर मिला शव
अमन के मामा सूरज ने बताया कि बच्चा घर से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर खेल रहा था और वहीं से गायब हुआ था। हैरानी की बात यह है कि उसका शव भी घर से करीब 50 मीटर दूर ही झाड़ियों में मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरू से ही गंभीरता नहीं दिखाई और इलाका-इलाका कहकर जिम्मेदारी टालती रही।
दादी ने कहा, थानों के चक्कर काटते रहे, पोता मार दिया गया
बच्चे की दादी ने रोते हुए कहा कि उनके तीन पोते-पोतियां थे। दो पोतियां और एक पोता। अब उनका पोता इस दुनिया में नहीं रहा। उन्होंने कहा कि वे लगातार थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अब उनके पोते की हत्या कर दी गई।
धरना देने के बाद हरकत में आई पुलिस
बच्चे के पिता अखिलेश ने बताया कि उनका बेटा तीन दिनों से लापता था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका गला काटकर उसकी हत्या कर दी। अखिलेश ने कहा कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं है और वे पिछले 15 साल से लुधियाना में रह रहे हैं। परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि जब शनिवार को परिवार और स्थानीय लोगों ने धरना दिया, तब जाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
