जालंधर, ENS: मॉडल टाउन में हुए लक्की ओबराय के तत्ल की प्लानिंग 44 दिन के बीच हुई है। 25 दिसंबर 2025 को ही धमकी भरी पोस्ट की गई थी। 2 महीने पहले तक लक्की और जोगा फोलड़ीवाल एक-दूसरे के दुशमन नहीं थे। हालांकि दोनों में कुछ मसलों पर अनबन थी। खालसा कॉलेज की प्रधानगी में जब लक्की ने जोगा फोलड़ीवाल और इग्नोर किया और शक्तिप्रदर्शन कर अपनी मर्जी से लव नामक युवक को प्रधान बनाया तो दोनों में दुश्मनी बढ़ गई। 25 दिसंबर के पोस्ट से ठीक 44वें दिन लक्की का मॉडल टाउन गुरुद्वारा के बाहर गोलियां मार मर्डर कर दिया गया। इस पूरे केस में लक्की का एक नौकर पुलिस को गायब मिला।
जालंधर पहुंचे डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे, क्योंकि पुलिस को पूरे मामले को ट्रेस करने में बड़ी लीड मिल चुकी है। लक्की और जोगा में गहरी दोस्ती थी और दोनों एक-दूसरे का जन्मदिन मनाते थे। यहां तक कि जोगा की लगभग हर पोस्ट को लक्की लाइक करता था। जोगा के चाचा गुरविंदर बाबा के साथ भी लक्की के अच्छे संबंधी थे। बाद में बाबा पर लक्की के एक दोस्त पर हमला करवाने के आरोप भी लगे। जोगा और लक्की में अनबन रहने लगी तो जोगा ने अपनी गैंग बदल ली और सोनू खत्री से हाथ मिला लिया। इसके बाद अवैध तरीके से अमेरिका चला गया।
लक्की ओबरॉय ने 2022 के करीब आप जॉइन की। इसके बाद वह जालंधर कैंट हलका इंचार्ज का विश्वास जीतने में कामयाब रहा और काम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेना लगा। इससे मीडिया और सोशल मीडिया पर लक्की लाइमलाइट में रहने लगा। जब उसने खलसा कॉलेज का प्रधान चुना तो सैकड़ों की संख्या में युवाओं का इकट्ठ किया। लक्की की बढ़ती ताकत ने विरोधी खेमे में हलचल पैदा कर दी। इससे भी उसके कत्ल को लेकर अंदेशा जताया जा रहा है। फेसबुक की रील्ज और पोस्ट में लक्की अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल को भी दिखाता था। कई रील्ज की बैकग्राउंड में बदमाशी वाले सांग सुनाई देते हैं।
