जालंधर (Ens): मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज जालंधर के प्रिसिंपल डॉ. जगरुप सिंह ने प्रिंसिपलशिप के 17 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। उन्होंने 1 फरवरी 2009 को उत्तर भारत के इस प्रमुख तकनीकी संस्थान में प्रिंसिपल का पद संभाला था। इन 17 सालों के दौरान मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और सफलता की नई ऊंचाईयों को छुआ है।
कॉलेज को मिला सर्वश्रेष्ठ कॉलेज का खिताब
डॉ. जगरुप सिंह ने इस दौरान कहा कि इस सफर की सफलता का श्रेय डी.ए.वी कॉलेज मैनेजिंग कॉमेटी के अध्यक्ष पद्मश्री अवॉर्डी डॉ. पूनम सूरी अपने माता-पिता दिल्ली एवं लोकल मैनेजिंग कमेटी के सदस्यों, कॉलेज स्टाफ, एलुमनाई और विद्यार्थियों को जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान कॉलेज को साल 2011,2013, 2017 और 2013 में उत्तर भारत के सर्वश्रेष्ठ पॉलिटेक्निक कॉलेज का खिताब मिला।
इसके साथ ही 2025 में कॉलेज को नेशनल अवॉर्ड मिला जिससे पंजाब के इस पुराने पॉलिटेक्निक कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इस अवधि में कॉलेज को मानव संसाधन मंत्रालय के द्वारा कम्युनिटी कॉलेज का दर्जा दिया गया और एक करोड़ से ज्यादा की ग्रांट जारी हुई। विद्यार्थियों के लिए नए ब्लॉक, स्मार्ट रुम, स्मार्ट लैब्स, इंडस्ट्री कॉर्नर, मेकर जोन आदि स्थापित किए गए।
इसके साथ ही 1000 विद्यार्थियों की क्षमता वाला महात्मा आनंद स्वामी ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। वर्ष 2017 में केंद्र सरकार की सी.डी.टी.पी योजना के अंतर्गत कॉलेज को उत्तर भारत में प्रथम पुरस्कार मिला तथा 2020 में उन्नत भारत योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए विशेष सम्मान दिया गया। 2014 में कॉलेज की डायमंड जुबली और 2024 में प्लेटिनम जुबली मनाई गई।
अब 75 साल के उत्सव की भी प्रतीक्षा है। 2025 में डॉ. जगरुप सिंह को आई.एस.टी.ई के द्वारा बेस्ट पॉलिटेक्निक प्रिंसिपल का सम्मान भी मिला है। डॉ. जगरुप सिंह ने अनेक तकनीकी और साहित्यिक पुस्तकें लिखी हैं। स्वास्थ्य संबंधी उनकी पुस्तक सोनाधारा को गोल्डन बुक अवॉर्ड भी मिला है। खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी कॉलेज ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
विद्यार्थियों ने 17 सालों में 11 बार इंटर पॉलिटेक्निक स्टेट टेक फेस्ट ट्रॉफी जीती है। कॉलेज के सभी कार्यक्रमों की एन.बी.ए मान्यता करवाने का संकल्प लिया गया है। पिछले साल इलेक्ट्रिकल और फॉर्मेसी को एक्रिडिटेशन मिला है। इससे यह उपलब्धि पाने वाला पंजाब का पहला कॉलेज बना है। डॉ. जगरुप सिंह के द्वारा प्रत्येह दूसरे शनिवार इंडस्ट्री डे मनाने की परंपरा शुरु हुई है ताकि इंडस्ट्री और संस्थान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो पाए।
2026 में कॉलेज को ग्रीन कैंप्स बनाने का रखा गया लक्ष्य
साल 2026 में कॉलेज को ग्रीन कैंप्स बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसमें एलुमनाई स्टाफ और प्रबंधन का भरपूर साथ मिल रहा है। लोकल मैनेजमेंट, विभागाध्यक्षों और स्टाफ सदस्यों ने डॉ. जगरुप सिंह को प्रिसिंपल के तौर पर 17 साल पूरे करने पर बधाई दी।
