नई दिल्ली: इजरायल डिफेंस फॉर्सेज ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत एक अहम सफलता हासिल करने का दावा किया है। इजरायली सेना और आंतरिक्ष सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने संयुक्त ऑपरेशन में हमास की ऑपरेटिंग सेल के प्रमुख मुहम्मद इस्मम हसन अल हबील को मार गिराया है। इजरायल के अनुसार, अल-हबील वही आतंकी था जो आईडीएफ की सर्विलांस सैनिक कॉर्पोरल नोआ मार्सियानी की हत्या भी शामिल था।
युद्ध विराम का हुआ उल्लंघन
आईडीएफ का यह कहना है कि यह कार्रवाई हमास की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन करने के बाद की गई है। सेना के अनुसार, अल-हबील 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमास के हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल था। उसी हमले के दौरान नोआ मार्सियानो को नहल ओज सैन्य चौकी ने अगवा किया गया था और बाद में उसकी मौत की पुष्टि हुई थी। इससे पूरे इजरायल में गहरा आक्रोश फैल गया था।
🔴 ELIMINATED: Muhammad Issam Hassan al-Habil, head of a Hamas terror cell, who brutally murdered IDF observer Corporal Noa Marciano while she was held in captivity.
In response to a blatant ceasefire violation, the IDF & ISA carried out the strike. Marciano was abducted from… pic.twitter.com/DcKK0bsz14
— Israel Defense Forces (@IDF) February 4, 2026
हमास के दो कमांडर हुए ढेर
इजरायली सेना के अनुसार, 4 फरवरी को गाजा सिटी के शाती शरणार्थी शिविर में हवाई हमला किया गया है। इसमें अल-हबील मारा गया और इस्लामिक जिहाद के अली राजियाना को भी ढेर कर दिया गया। राजियाना उत्तरी ब्रिगेड़ में इस्लामिक जिहाद का मुख्य कमांडर था। आईडीएफ के अनुसार, अल-हबील उस समय सेना के रडार पर आया जब एक इजरायली रिजर्व अधिकारी पर गोलीबारी हुई है। इसमें वह गंभीर रुप से घायल हुआ था।
इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन से नोआ मार्सियाओ के परिवार को न्याय मिला है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।
कौन थे नोआ मार्सियानो?
आईडीएफ ने दावा किया है कि अल-हबील ने गाजा के शिफा अस्पताल में कैद के दौरान नोआ मार्सियानो की हत्या में खास भूमिका निभाई थी। नोआ के परिवार के अनुसार, एक डॉक्टर ने कथित तौर पर उसकी नसों में हवा इंजेक्ट करके उसकी जान ली थी। नोआ मार्सियानो 19 साल की आईडीएफ ऑब्जर्वर थी और 7 अक्टूबर को हमले के दौरान अगवा की गई कई महिलाओं में से एक थी हालांकि बाद में पकड़ी गई बाकी महिलाओं को जिंदा वापिस लाया गया परंतु नोआ जीवित नहीं लौट पाई।
