चंडीगढ़ः समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा जनहित फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई.टी.आई.) में कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा-वी.आई.) ट्रेड में दाखिले लेने वाले अनाथ और दृष्टिहीन विद्यार्थियों की प्रशिक्षण फीस माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में फ़ाइल को मंजूरी देने के बाद इस फैसले की पुष्टि करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह कदम भगवंत मान सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि आर्थिक तंगी कभी भी जरूरतमंद विद्यार्थियों की पेशेवर उन्नति में बाधा नहीं बननी चाहिए।
वित्त मंत्री ने बताया कि अनाथ आश्रमों और दृष्टिहीन बच्चों के लिए स्थापित विद्यालयों से आने वाले विद्यार्थी अब ‘कोपा-वी.आई.’ ट्रेड के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी के पात्र होंगे। यह लाभ वर्तमान समय में यह कोर्स चला रही 9 सरकारी संस्थाओं में लागू किया जाएगा। इस फैसले के पीछे की तर्क-व्यता की व्याख्या करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हालांकि फीस माफी से वित्तीय प्रभाव पड़ेगा, पर सरकार इसे वित्तीय बोझ की बजाय मानवीय पूंजी में एक महत्वपूर्ण निवेश के रूप में देखती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर 29 जनवरी 2026 को हुई बजट मीटिंगों के दौरान विस्तार से चर्चा की गई थी, जहाँ संबंधित प्रशासनिक विभाग की सिफारिश की पड़ताल करने के उपरांत यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मंजूरी दी गई कि तकनीकी शिक्षा समाज के हर वर्ग तक पहुँचयोग्य बनी रहे। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि उनकी सरकार पंजाब को हुनर विकास और डिजिटल साक्षरता में मिसाल बनाने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि ‘कोपा-वी.आई.’ ट्रेड में हमारे विशेष जरूरतों वाले और अनाथ युवाओं के लिए वित्तीय बोझ हटाकर, पंजाब सरकार उन्हें तकनीकी कौशल हासिल करने और तेजी से बढ़ते आई.टी. क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार सुरक्षित करने के लिए समान अवसर प्रदान कर रही है।
