सेहत: कई महिलाओं को ऐसा लगता है कि सर्दियों में उनके पीरियड्स का दर्द बढ़ जाता है। यदि आपको भी ठंड के इस मौसम में पीरियड्स के दौरान तेज ऐंठन, मूड स्विंग्स या ज्यादा बैचेनी हो रही है तो आप अकेले नहीं हैं। रिसर्च और क्लिनिकल अनुभव के अनुसार, सर्दियां पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों को ज्यादा प्रभावित करती हैं। आइए आपको बताते हैं कि यदि सर्दियों में पीरियड्स में ज्यादा पेन हो रहा है तो कैसे आप इसको कंट्रोल में रख सकते हैं और इसके क्या कारण हैं।
इस वजह से बढ़ता है दर्द
ठंड के मौसम में तापमान, धूप और शरीर के काम करने के तरीके में कई तरह के बदलाव आते हैं। इससे पीरियड्स के लक्षण ज्यादा तीव्र लग सकते हैं। अब हाल ही में एक गॉयनोकॉलिजिस्ट ने इसको लेकर अपने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि ठंड पड़ते ही शरीर गर्मी बचाने के लिए ब्लड फ्लो को सीमित कर देता है। इससे यूट्रस की मांसपेशियां ज्यादा सख्त होकर सिकुड़ने लगती है ऐसे में दर्द और ऐंठन बढ़ जाती है।
View this post on Instagram
विटामिन-डी की कमी
सर्दियों में धूप कम मिलने के कारण विटामिन-डी का स्तर कम हो जाता है। विटामिन-डी सूजन कम करने और हार्मोन संतुलन में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी के कारण दर्द, थकान और मूड स्विंग्स बढ़ जाते हैं।
हार्मोनल बदलाव
सर्दियों में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन्स में बदलाव हो सकता है जिससे चिड़चिड़ापन, उदासी और पीएमएस के लक्षण बढ़ जाते हैं। ठंड के कारण लोग कम चलते फिरते हैं। इसके कारण पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो कम होता है और दर्द बढ़ सकता है।
दर्द के प्रति ज्यादा संवेदनशीलता
ठंड में शरीर दर्द को ज्यादा महसूस करता है। इसी कारण से सामान्य ऐंठन भी सर्दियों में ज्यादा तेज लग सकती है। इस मौसम में कई महिलाओं को भारीपन, पेट फूलना, मीठा खाने की इच्छा, ज्यादा थकान, नींद की समस्या, चिड़चिड़ापन और एक्सरसाइज की इच्छा कम लगने जैसी दिक्कतें होती हैं। इसके चलते भी दर्द ज्यादा होता है। यदि सर्दियों में ऐंठन ज्यादा हो, पेल्विक दबाव बढ़े, पीएमएम के लक्षण तेज हो, थकान और कमर दर्द ज्यादा हो या मूड ज्यादा खराब रहे तो यह मौसम से जुड़ा असर हो सकता है।
ऐसे दर्द करें कम
. हल्की एक्सरसाइज, योग या वॉक रखें।
. गुनगुना पानी और हर्बल टी पिएं।
. सूजन कम करने वाला खाना जैसे फल, सब्जियां नट्स शामिल करें।
. तनाव कम लें और पूरी नींद लें।
. अपना पीरियड साइकिल और लक्षणों को ट्रैक करें।
. गर्म पानी की बोतल या फिर हीट पैड का इस्तेमाल करें।
. विटामिन-डी से भरपूर फूड लें और यदि जरुरत हो तो डॉक्टरों से सप्लीमेंट पर बात करें।
ज्यादा दर्द होने पर करें डॉक्टर को संपर्क
एक रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि दर्द ज्यादा हो कई दिनों तक बना रहे कामकाज प्रभावित करे बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, पीरियड्स अनियमित हो या घरेलू उपायों से राहत न मिले तो डॉक्टर से सलाह लें। एंड्रोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स या पीसीओएस जैसी समस्याएं भी इसके कारण हो सकती है।
