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Grammy Awards तक पहुंचा अमेरिकी एजेंसी ICE का विरोध, Limelight में बना प्रतिष्ठित अवॉर्ड

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नई दिल्ली: अमेरिका में इमिग्रेशन पॉलिसी को लेकर जो बवाल मचा है वो दुनिया के सबसे बड़े म्यूजिक अवॉर्ड शो Grammy Awards के मंच पर भी पहुंच गया है। ग्रैमी अवॉर्डस 2026 का मंच पॉप कल्चर में राजनीति के खुले विरोध के एक ऐतिहासिक मोमेंट का गवाह बन चुका है। अवॉर्ड विनर्स ने अपनी एक्सेप्टेंस स्पीच में यूएस की फेडरल एजेंसी, इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट का खुलकर विरोध जताया है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड शो में टॉप ऑर्टि्स्ट्स ने आईसीई के खिलाफ ऐसा विरोध दर्ज करवाया है कि वो अब सुर्खियों में बन चुका है।

ग्रैमी अवॉर्ड्स यानी की ग्रैमीज को दुनिया का सबसे मशहूर म्यूजिक अवॉर्ड कहते हैं। इस अवॉर्ड की चार कैटेगरीज को बिग फॉर में गिना जाता है। एल्बम ऑफ द ईयर, रिकॉर्ड ऑफ द ईयर, सॉन्ग ऑफ द ईयर और बेस्ट न्यू ऑर्टिस्ट। बिली इलीश के गाने वाइल्डफ्लावर को सॉन्ग ऑफ द ईयर का ग्रैमी अवॉर्ड दिया गया है। अपनी अवॉर्ड स्पीच में बिली ने इमिग्रेशन अथॉरिटीज के एक्शन की कड़ी आलोचना भी की है। आईसीई के लिए एक अपशब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कहा कि – ‘चोरी की जमीन पर कोई भी नागरिक अवैध नहीं होता।’

प्यूर्टो रिको से आने वाले इंटरनेशनल आर्टिस्ट बैड बनी की एल्बम Debi Tirar Mas Fotos को ग्रैमी में एल्बम ऑफ द ईयर चुना गया है। ये पहली बार है जब ग्रैमी में किसी स्पेनिश एल्बम को ये अवॉर्ड मिला है। बनी ने अपनी स्पीच की शुरुआत ही एंटी आईसीई मैसेज से की है। उन्होंने कहा कि – ‘मैं ईश्वर को शुक्रिया कहने से पहले यह कहना चाहता हूं कि आईसीई आऊट’।

लोगों को संबोधित करते हुए प्यूर्टो ने कहा कि – कुछ भी ऐसा नहीं है तो हम नहीं पा सकते। अपनी स्पीच के अंत में उन्होंने कहा कि – ‘मैं अपना अवॉर्ड उन लोगों को डेडिकेट करना चाहता हूं जिन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए अपना घर छोड़ना पड़ा’।

इस वजह से हो रहा है आईसीई के विरोध

यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुले तौर पर इमिग्रेंट्स का विरोध करते रहे हैं। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने इसे पॉलिसी का हिस्सा ही बना लिया है। उनके कार्यकाल में आईसीई ने अवैध आप्रवासियों पर लगाम कसने के बड़े कदम उठाए हैं जिन्हें रेडिकल बताते हुए दुनिया भर में आलोचना की जा रही है।

रिपोर्ट्स की मानें तो जनवरी 2025 में ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद आईसीई ऑपरेशन्स में 5 लाख से ज्यादा लोगों को डिपोर्ट किया गया है। आईसीई की कस्टडी में ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। ऑपरेशन मेट्रो सर्ज के दौरान आईसीई की कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना हुई है।

जनवरी में आईसीई के फेडरल एजेंट्स ने दो नागरिकों को गोली मारकर हत्या कर दी है। इसके बाद पूरे यूएस में एंटी आईसीई प्रदर्शन और हड़तालें तेज हो गई है। आईसीई आउट इन विरोध प्रदर्शनों की से निकला नारा है। ग्रैमी अवॉर्ड 2026 में ऑर्टिस्ट्स ने भी इसी विरोध को मंच से आवाज दी है।

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