चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। जहां मजीठिया को जमानत मिलने पर अकाली दल के नेता इसे बड़ी जीत बता रहा है, वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ एक कानूनी राहत है। वह केस से मुक्त नहीं हुए है।हरपाल चीमा का तीखा प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि, “जमानत मिलना इसका मतलब नहीं है कि मजीठिया बरी हो गए हैं।
केस अभी भी अदालत में चल रहा है और जांच एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत हैं।” उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन मामलों में जांच चल रही हो, वहां जमानत को ‘बचाव’ का सर्टिफिकेट मानना गलत है। वहीं आज डेरा ब्यास के मुखी गुरिंदर सिंह ढिल्लों की मजीठिया से मुलाकात को लेकर हरपाल चीमा ने कहा कि परिवारिक संबंध है और रिश्तेदारी होने के कारण वह उन्हें मुलाकात करने पहुंचे थे।
हरपाल चीमा ने कहा डेरा मुखी बाबा एक धार्मिक गुरु हैं। मजीठिया के खिलाफ आमदनी से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था। पिछले लगभग 7 महीने से वह नाभा जेल में बंद थे, जिसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिये हैं।
