नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के द्वारा क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी दिए जाने के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पीछे हटते नहीं दिख रहे। बढ़ते तनाव के बीच में ट्रंप ने कह दिया है कि उन्हें अभी भी तेहरान के साथ समझौते की उम्मीद है और सभी ऑप्शन्स खुले रखे गए हैं।
मीडिया के साथ बात करते हुए ट्रंप ने खामेनेई की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह की बयानबाजी स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि – वह ऐसा क्यों नहीं कहेंगे? ऐसे तनावपूर्ण माहौल में यही अपेक्षित है। ट्रंप ने यह दोहराया है कि उनकी सरकार की प्राथमिकता कूटनीति है लेकिन अगर समझौता नहीं होता तो आगे के हालातों से सच्चाई खुद सामने आ जाएगी। ट्रंप ने कहा कि उम्मीद है कि हम कोई डील करेंगे यदि नहीं हुई तो फिर देखेंगे कि वह सही थे या फिर नहीं।
भीषण आंतरिक संकट से जूझ रहा ईरान
यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है कि जब ईरान पिछले कई हफ्तों से भीषण आंतरिक संकट से जूझ रहा है। दिसंबर के अंत में आर्थिक बदहाली और जीवनयापन की समस्याओं से शुरु हुए विरोध-प्रदर्शन धीरे-धीरे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे बड़े राजनीतिक चुनौती में बदल गए हैं। सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई में हजारों लोगों के मारे जाने और गिरफ्तार होने की खबरें भी सामने आई हैं।
इसी के चलते अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी नौसैनिकों की मौजूदगी बढ़ा दी थी वहीं ट्रंप प्रशासन लगातार चेतावनी दे रहा है कि यदि ईरान ने परमाणु समझौते से इंकार किया या प्रदर्शनकारियों पर हिंसा नहीं रोकी तो हस्तक्षेप संभव है।
इस वजह से बढ़ा तनाव
खामेनेई ने रविवार को यह कहा है कि किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा। उन्होंने ईरान में चल रहे प्रदर्शनों को अमेरिका और इजराइल समर्थित साजिश बताया और कहा कि ईरानी जनता धमकियों से डरने वाली नहीं है हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा है कि ईरान किसी भी देश पर हमला शुरु नहीं करना चाहता लेकिन आक्रामकता का कड़ा जवाब देंगे।
दोनों देशों के फिलहाल अभी रुख साफ नहीं है। ट्रंप ने यह दावा किया है कि ईरान अभी बातचीत करने को लेकर गंभीर है और परमाणु हथियारों के बिना एक स्वीकार्य समझौते की संभावना बनी हुई है। वहीं ईरान ने यह कहा है कि वह न्यायसंगत वार्ता के लिए तैयार है लेकिन अपनी रक्षात्मक क्षमताओं पर किसी की पाबंदी स्वीकार नहीं करेगा।
