शिमला: शहीद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ आज शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरान्त कांग्रेस के नेताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और योजना को कमजोर किए जाने के विरोध में प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 1ः00 बजे तक दो घंटे का उपवास रखा।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने, न केवल मनरेगा का नाम बदला है बल्कि योजना के मूल स्वरूप को भी कमजोर किया है। पहले यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करती थी, लेकिन अब रोजगार के अवसरों में कटौती की जा रही है।

पहले गांव के प्रधानों को मनरेगा के तहत सड़क निर्माण जैसे कार्य करवाने की शक्तियां प्राप्त थीं, जिससे लोगों को अपने घर-द्वार के निकट रोज़गार मिलता था। कोविड-19 महामारी के दौरान इस योजना ने लोगों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध करवाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अब पंचायत प्रधानों की शक्तियां छीन ली गई हैं।

पिछले 20 सालों से मनरेगा अधिनियम में रोजगार की गारंटी थी और काम उपलब्ध न होनेे की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी था। ग्रामीण रोजगार गारंटी की इस योजना को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने के विरोध में यह उपवास आयोजित किया गया। पहले केंद्र सरकार मनरेगा के तहत शत प्रतिशत व्यय वहन करती थी, लेकिन अब इसे 90ः10 के वित्तपोषण में बदल दिया गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

सेब पर आयात शुल्क में कमी से जुड़े सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ आयोजित पिछली बैठक में उनसे न्यूजीलैंड से आयातित सेब पर शुल्क कम करने का मुद्दा उठाया था। आयात शुल्क में किसी भी प्रकार की कमी हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों को गंभीर नुक़सान पहुंचाएगी। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से अधिकारियों और बागवानों की एक टीम भेजने को कहा है, जिसके उपरान्त केंद्र सरकार इस विषय के सभी पहलुओं की गंभीरतापूर्वक जांच कर चर्चा करेगी।

इस अवसर पर कांग्रेस हिमाचल प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सह-प्रभारी विदित चौधरी और चेतन चौहान, पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, विधायक संजय अवस्थी, मलेंद्र राजन, हरदीप बाबा, अनुराधा राणा और विनोद सुल्तानपुरी, विभिन्न जिलों के कांग्रेस जिला अध्यक्ष, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
