अमृतसरः जिले के अल्फा वन मॉल के सामने लोहड़ी वाले दिन मिली अज्ञात शव के मामले को पुलिस ने सुलझाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यह हत्या लूट के इरादे से की गई थी। मकबूलपुरा थाने सूचना मिली थी कि अल्फा वन मॉल के सामने एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही एसएचओ अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
शव पर गंभीर चोटों के निशान मिलने के कारण पुलिस को हत्या का संदेह हुआ। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर नंबर 26 धारा 103 बीएनएस के तहत दर्ज की और शव को मोर्चरी में रखा। पुलिस ने शव की पहचान के लिए अखबारों में विज्ञापन दिए और 72 घंटे तक प्रतीक्षा की, पर कोई भी परिजन सामने नहीं आया। इसके बाद शव का पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि मृतक हिमाचल प्रदेश से संबंधित हो सकता है।
पुलिस ने हिमाचल सहित कई राज्यों से संपर्क किया, तब परवाणू से एक युवक के गुमशुदा होने की जानकारी मिली। फोटो मिलान के बाद परिवार को अमृतसर बुलाया गया, जिन्होंने शव की पहचान पप्पी विजय के रूप में की। तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को राउंड-अप किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लूट के इरादे से पप्पी विजे पर डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने मृतक से लगभग 56 हजार रुपये लूटने की बात भी कबूल की।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह और विशाल मन्ना सहित तीन व्यक्तियों के रूप में की है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल डंडा भी बरामद किया गया है। अदालत से तीन दिन का रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने और पूछताछ की और अब आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक मजदूरी का काम ढूंढने के लिए अमृतसर आया था और आरोपियों को उसके पास पैसे होने की जानकारी मिलने पर यह वारदात अंजाम दी गई।
