जालंधर (Ens): पिम्स अस्पताल के सामने बनी मार्केट में एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर नकली नाका लगाकर युवकों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया था। जहां पुलिसकर्मी और युवकों के बीच तीखी बहसबाजी भी हुई, जिसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। वही इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो के आधार पर कांस्टेबल मनी को लाइन हाजिर कर दिया है।
मामले की जानकारी देते हुए एसीपी परमेंद्र ने बताया कि बीते दिन पुलिस कर्मचारी मनी कुमारी की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वह सिक्योरिटी ड्यूटी पर तैनात था। वायरल वीडियो के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए मनी कुमार को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। बता दें कि अर्बन स्टेट फेस-3 निवासी आकाशदीप सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह अपने दोस्त पवनदीप सिंह का जन्मदिन मनाकर चार दोस्तों के साथ दो बाइकों पर सवार होकर रेस्टोरेंट से लौट रहे थे।
जैसे ही वे पिम्स अस्पताल के सामने मोड़ पर पहुंचे, वहां एक पुलिसकर्मी दो युवकों के साथ खड़ा मिला, जो सिविल कपड़ों में थे। आकाशदीप के अनुसार पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक लिया और बाइक के पीछे नंबर प्लेट न होने का हवाला देकर डराना शुरू कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि नाका किस थाने का है, तो पुलिसकर्मी पहले खुद को थाना नंबर-7, फिर थाना नंबर-6 और बाद में स्पेशल स्टाफ का मुलाजिम बताने लगा।
युवकों ने आरोप लगाया कि चालान की धमकी देकर उन्हें थाने ले जाने की बात कही गई, लेकिन बाद में वहीं मामला ‘रफा-दफा’ करने का दबाव बनाया गया। जब आकाशदीप ने मोबाइल से वीडियो बनानी शुरू की, तो पुलिसकर्मी और उसके साथ मौजूद दोनों युवक बिना कोई कार्रवाई किए मौके से निकल गए।
घटना के बाद आकाशदीप अपने दोस्तों के साथ थाना नंबर-7 पहुंचे, जहां वीडियो दिखाने पर पता चला कि संबंधित पुलिसकर्मी वहां तैनात नहीं है। इसके बाद जब उन्होंने दोबारा पिम्स अस्पताल के पास पूछताछ की, तो स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त पुलिसकर्मी कथित तौर पर एक शिवसेना नेता का गनमैन है, जो अपने साथियों के साथ मिलकर नकली नाका लगाकर खड़ा था।
आकाशदीप सिंह ने कहा कि वह इस मामले को लेकर लिखित शिकायत और वीडियो सबूत के साथ सोमवार को विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलेंगे और सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।