जालंधर (Ens) : आइस ड्रग तस्करी के मामलों में घिरे रहे राजा कंदोला का मुंबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि अचानक स्वास्थ्य खराब होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
बता दें कि, राजा कंदोला का नाम पूर्व डिप्टी एसपी जगदीश भोला ड्रग मामले में भी सामने आया था। उस समय जांच एजेंसियां उसे बड़े ड्रग नेटवर्क में मुख्य कड़ी मानती थीं। आइस ड्रग (क्रिस्टल मेथ) तस्करी के मामलों में उसका नाम कई बार सामने आया था और उसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर बताया जाता था।
सूत्रों के अनुसार राजा लंबे समय से मुंबई में रह रहा था और वहीं अपना कारोबार चलाता था। भले ही पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा कठोर निगरानी के कारण उसका नेटवर्क काफी कमजोर हो गया था, लेकिन नशा तस्करी के मामलों की जांच के दौरान उसका नाम समय-समय पर सामने आता रहा।
माना जा रहा है कि राजा की मौत नशा तस्करी के कुछ महत्वपूर्ण राज़ों को हमेशा के लिए दबा सकती है। परिवार इस समय संस्कार की तैयारी कर रहा है। जांच एजेंसियां अब कई पुराने मामलों और संपर्कों के रिकॉर्डों की जांच कर रही हैं।
कंदोला का नाम पहली बार जून 2012 में तब सुर्खियों में आया जब पंजाब पुलिस ने 200 करोड़ रुपए के सिंथेटिक ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया। इसमें पुलिस से बचते हुए वह दिल्ली भाग गया, लेकिन अगस्त 2012 में उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार राजा मेथमफेटामाइन (आइस) और अन्य नशीले पदार्थ बनाने के लिए दिल्ली और पंजाब में अवैध लैब चलाता था। वह कच्चा माल दिल्ली से लाता और उसे रिफाइन करके विदेशों में सप्लाई करता।
गौरतलब है कि कंदोला के साथ उसकी पत्नी रजवंत कौर और बेटा बाली सिंह भी कानूनी मुश्किलों में फंसे। दोनों का नाम भी ड्रग तस्करी में आया। राजा की एक महिला मित्र सोनिया का नाम भी इस केस में चर्चा में रहा था, जो कथित तौर पर उसके होटल और प्रॉपर्टी के कारोबार को देखती थी।
अगस्त 2024 में जालंधर की एक विशेष अदालत ने राजा कंदोला को ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 9 साल की कैद की सजा सुनाई गई। उसकी पत्नी रजवंत को भी 3 साल की सजा हुई। राजा के खिलाफ जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर में दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए। कुछ मामलों में राजा बरी हो चुका है।