जालंधर, ENS: सरफेस वॉटर प्रोजेक्ट के पूरे होने में हो रही देरी के कारण डिप्टी कमिशनर हिमांशु अग्रवाल एक्शन मोड में आ गए। जहां शहर भर में सड़कों की धुलाई प्रोजेक्ट में देरी होने के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में कार्यकारी एजेंसी मेॉएस लार्सन एंड ट्रर्बो लिमिटेड पर 7.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दरअसल, डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने इस प्रोजेक्ट में अनावश्यक देरी के लिए संबंधित विभाग को कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद यह जुर्माना लगाया गया है।
विकास प्रोजेक्ट का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ.हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि सरफेस वॉटर प्रोजेक्ट में देरी होने से रोजमर्रा की जिंदगी और निर्बाध आवागमन प्रभावित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें अब किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और चेतावनी दी कि यदि निर्दिष्ट समय सीमा का पालन नहीं किया जाता है तो कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को इस साल के अंत तक पूरा करने की उम्मीद है और जालंधर स्मार्ट सिटी मिशन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय सीमा और कार्य मानकों दोनों की बारिकी से निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत तक बिटूमन प्लांट चालू होते ही काम पूरी तेजी से शुरू होना चाहिए। बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर द्वारा 70 करोड़ रुपये की लागत से पूरे होने वाले बर्ल्टन पार्क स्पोर्ट्स हब प्रोजेक्ट की प्रगति का भी जायजा लिया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 15 अगस्त 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस प्रोजेक्ट को निर्धारित समय के अंदर पूरा करने को सुनिश्चित किया जाए। लंबा पिंड-जंडू सिंहा रोड को चौमुखी बनाने के प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने लोगों निर्माण विभाग के अधिकारियों को पेडिंग रह रहे काम को समय से पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अदमपुर एयरपोर्ट अप्रोच रोड के चौमुखी बनाने का भी जायजा लिया और बताया कि इस प्रोजेक्ट का लगभग 96 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कार्यकारी एजेंसी को निर्देशित किया कि बाकी रह गए काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि सड़क को आम लोगों की सुविधा के लिए बिना किसी और देरी के खोल दिया जाए। इसके अलावा डॉ. अग्रवाल द्वारा कई अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्टों का भी जायजा लिया गया, जिनमें सिविल अस्पताल, जालंधर में 100 बेडों वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण, गांधी वनिता आश्रम में लड़कियों का हॉस्टल का निर्माण, तहसील और एस.डी.एम. कॉम्प्लेक्स का निर्माण एवं नवीनीकरण, सुभाना रेलवे अंडरपास, लिंक सड़कों का अपग्रेडेशन और जालंधर-होशियारपुर नेशनल हाइवे शामिल हैं।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरे होने से जालंधर का विकास नई ऊंचाइयों पर आएगा और शहरी बुनियादी ढांचे, खासकर सड़क नेटवर्क को मजबूत करेगा। उल्लेखनीय है कि इनमें से अधिकांश प्रोजेक्ट इस साल 2026 में समाप्त होने वाले हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को विकास कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया और कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही तुरंत सख्ती से निपटाई जाएगी।