नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस से पहले देश की राजधानी दिल्ली में अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पन्नू प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) का सरगना है। पुलिस ने पन्नू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 196, 197, 152 और 61 के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पन्नू के भड़काऊ दावों और धमकियों को गंभीरता से लेने के बाद की गई है।
सोशल मीडिया पर फर्जी दावा किया
पन्नू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने दावा किया कि उसके स्लीपर सेल ने दिल्ली के रोहिणी और डाबरी में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए हैं। लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी पाया गया। राजधानी के किसी भी हिस्से में ऐसे पोस्टर नहीं मिले। पुलिस ने साफ किया कि पन्नू केवल सोशल मीडिया के जरिए भ्रम और डर फैलाना चाहता है।
पन्नू पर पहले से दर्ज हैं गंभीर मामले
भारत सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA एक्ट के तहत ‘आतंकी’ घोषित किया था। पन्नू मूल रूप से अमृतसर के खानकोट गांव का रहने वाला है। फिलहाल वह विदेश से अपनी गतिविधियां चला रहा है। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की मदद से पंजाब में अलगाववाद बढ़ाने के आरोप हैं।
पन्नू के खिलाफ पहले भी कई देशद्रोह के मामले दर्ज हैं
जुलाई 2020 में पंजाब के अमृतसर और कपूरथला में केस दर्ज किया गया। उसने हरियाणा के गुरुग्राम से अंबाला तक सरकारी दफ्तरों पर खालिस्तानी झंडा फहराने की धमकी दी थी। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने भी उस पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
गणतंत्र दिवस को देखते हुए दिल्ली और पूरे देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने साफ किया कि पन्नू जैसे तत्वों को किसी भी तरह से सफल नहीं होने दिया जाएगा। साइबर सेल लगातार पन्नू के सोशल मीडिया अकाउंट और उसके भड़काऊ पोस्ट्स पर नजर रख रही है। इसका मकसद है कि राजधानी की शांति और सुरक्षा बनाए रखी जाए।