अमृतसरः हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGPC) के फाउंडर और सीनियर लीडर जगदीश सिंह झिंडा आज श्री अकाल तख्त साहिब के सेक्रेटेरिएट पहुंचे। उन्होंने सिंह साहिब को एक डिटेल्ड लेटर सौंपकर हरियाणा कमेटी में चल रहे विवाद को सुलझाने की मांग की और बाबा बलजीत सिंह दादूवाल पर गंभीर पॉलिटिकल और इकोनॉमिक आरोप लगाए।
जगदीश सिंह झिंडा ने कहा कि उन्होंने 22 साल तक मेहनत करके और अपना कारोबार रिस्क में डालकर हरियाणा के लिए एक अलग कमेटी बनाई थी, लेकिन कुछ लोगों ने इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करना शुरू कर दिया है। उन्होंने सीधा निशाना साधते हुए कहा कि गुरदासपुर (पंजाब) से आए बलजीत सिंह दादूवाल ने हमेशा हरियाणा कमेटी में झगड़ा करवाया है। झिंडा ने आरोप लगाया कि दादूवाल ने कमेटी की मीटिंग के दौरान सदस्यों के साथ बदतमीजी की और मां-बहनों को गालियां तक दीं, जो एक धार्मिक नेता को शोभा नहीं देता।
बड़ा खुलासा करते हुए झिंडा ने कहा कि 2014 से 2026 तक धार्मिक प्रचार के नाम पर इकट्ठा किए गए करोड़ों रुपये के फंड का कोई हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पैसे से प्राइवेट जमीनें खरीदी गईं, महंगी गाड़ियां खरीदी गईं और पर्सनल बैंक अकाउंट भरे गए, जबकि यह पैसा हरियाणा कमेटी के अकाउंट में जमा होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि दादूवाल की इन्हीं हरकतों की वजह से हाउस के 33 सदस्यों ने उन्हें धर्म प्रचार कमेटी की मेंबरशिप और चेयरमैनशिप से बर्खास्त करने का प्रस्ताव पास किया है।
झिंडा ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से अपील की कि वे इस मामले में दखल दें और हरियाणा के सिखों को इस मुसीबत से बचाएं। अकाल तख्त साहिब सिखों के लिए सबसे बड़ी अदालत है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि सिंह साहिब सच का साथ देंगे। झिंडा ने पंजाब के संगठनों से भी अपील की कि वे ऐसे लोगों को अपने इलाकों में वापस बुलाएं ताकि हरियाणा के गुरुद्वारों का मैनेजमेंट आसानी से चल सके।