जालंधर, ENS: वेस्ट हलके के 66 फीट रोड पर स्थित सोसायटी में साईकिल चला रहे बच्चे के साथ हादसा हो गया। दरअसल, साईकिल चला रहे 9 वर्षीय बच्चे की चाइना डोर से गर्दन कट गई। बच्चे को तुरंत लोगों ने गाड़ी में बिठाकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां बच्चे का डॉक्टरों द्वारा डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन किया गया और बच्चे की जान को बचाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि अभी भी बच्चे की हालत क्रिटिकल है। डॉक्टर ने कहा कि जैसे ही हालत स्थिर होगी तो उसे आईसीयू से शिफ्ट कर दिया जाएगा। वही बच्चे के पिता गुरु सिमरन संधू ने कहा कि पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा दी है। पिता ने अपील की है कि चाइना डोर बेचने या खरीदने वालों के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा लगाकर मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
बता दें कि पिछले दिनों पुलिस ने 50 पेटी के करीब चाइना डोर के गट्टू पकड़े थे और आरोपियों पर मामला भी दर्ज किया था। लेकिन उसके बावजूद भी चाइना डोर धड़ल्ले से बिक रही है। मीडिया से बातचीत करते हुए बच्चे के पिता गुरु सिमरन संधू ने बताया कि उनका बच्चा बाकी बच्चों के साथ साइकिल चला रहा था और जालंधर के 66 फीट रोड पर स्थित इको होम सोसाइटी में उनके बच्चे की चाइना डोर के कारण गर्दन कट गई। जिसके बाद सोसाइटी के लोग उनके बच्चे को कार में बिठाकर इलाज के लिए अस्पताल ले आए। बच्चे का अस्पताल में ऑपरेशन हो गया है, लेकिन अभी भी हालत क्रिटिकल बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि इस हादसे से उनके बेटे की जान भी जा सकती थी, लेकिन सही समय पर उसके बच्चे का अस्पताल में इलाज किया गया, जिस कारण अभी तक उसकी जान बच गई है। गुरु सिमरन संधू ने कहा कि हवा में फहराती चाइना डोर तलवार से कम नहीं है और जैसे उनके बेटे के गर्दन पर यह डोर लगी है। ऐसे लगता है जैसे कि किसी तलवार ने उनके बेटे का गला काट दिया हो। उन्होंने कहा कि जो लोग चाइना डोर बेचते हैं या खरीदते हैं उनके खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर सरकार एक्शन करें उनके फोटो सहित होर्डिंग बोर्ड पर लगाकर शहर में लगाएं जाए ताकि बाकी लोगों को भी जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनका बच्चा जैसे ही ठीक होगा तो वह इस चाइना डोर के खिलाफ अभियान चलाएंगे।
वहीं ग्लोबल अस्पताल के डॉक्टर राजीव सूद ने बताया कि लगभग डेढ़ घंटा बच्चे का ऑपरेशन चलाया गया। इस घटना में बच्चे की गर्दन पर गहरा कट लगा है। उन्होंने कहा कि यह बचाव रहा की बच्चे की सांस की नली में यह डोर नहीं लगी, जिस कारण वह ऑपरेशन करके बच्चे की जान बचा पाए। डॉक्टर ने कहा कि अभी बच्चे की हालत क्रिटिकल है और 48 घंटे तक उसे आईसीयू में रखा गया है, हालत स्थिर होने पर उसे शिफ्ट किया जाएगा। डॉक्टर ने कहा कि सरकार और प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि लोगों में यह संदेश जा पाए और वह अपने बच्चों को सुरक्षित कर पाए।