नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर दावेदारी और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कई बड़े अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप की इस नीति की तीखी आलोचना भी की है। इसे अमेरिका की प्रतिष्ठा, आर्थिक हितों और नाटो गठबंधन के लिए भी खतरा बताया है। इसके साथ ही हाल के सर्वे में यह पता चला है कि अमेरिकी जनता में ट्रंप की इस महत्वकांक्षा को काफी समर्थन मिल रहा है। यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की रक्षा के लिए ट्रूप्स भी भेजने शुरु कर दिए हैं।
ट्रंप की हुई आलोचना
इससे अब ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में तनाव भी बढ़ चुका है। ट्रंप की इस नीति पर अमेरिका की राजनीतिक हलकों में कड़ी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने इसको पागलपन और स्टूपिड ही बता दिया है। सिनेटर मार्क केली ने एक्स पर लिखा कि – ‘यूरोपीय देशों के ट्रूप्स ग्रीनलैंड में अमेरिका से बचाने के लिए पहुंच रहे हैं। सोचिए और अब ट्रंप हमारे साथियों पर टैरिफ लगा रहे हैं इससे आपको ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे ताकि वो ऐसी जगह हासिल कर पाएं जिसकी हमे जरुरत नहीं है। राष्ट्रपति हमारी रेपुटेशन और रिलेशनशिप्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिससे हम सुरक्षित हो रहे हैं। यदि कुछ नहीं बदला तो हम हर दिशा में दुश्मनों से घिरे अकेले रह जाएंगे। कांग्रेस के रिपब्लिकन्स को ट्रंप के खिलाफ खड़े होना चाहिए’।
Troops from European countries are arriving in Greenland to defend the territory from us. Let that sink in. And now Trump is setting tariffs on our allies, making you pay more to try to get territory we don’t need. The damage this President is doing to our reputation and our…
— Senator Mark Kelly (@SenMarkKelly) January 17, 2026
अमेरिका की जनता हुई ट्रंप के खिलाफ
खबरों की मानें तो ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के इरादे को अब अमेरिका की जनता से भी बहुत समर्थन मिल रहा है। सिर्फ 17% अमेरिकी ही ट्रंप के इस दावे का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में 5 में से 1 अमेरिकी भी पूरी तरह से सहमत नही हैं। सिर्फ 10 में से 1 अमेरिकी ही यह चाहता है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई करे। ज्यादातर अमेरिकी चाहे रिपब्लिकन हो या फिर डेमोक्रेट, सैन्य हस्तक्षेप और बल प्रयोग के भी खिलाफ है। सर्वे में बड़ी घरेलू असहमति भी दिखी है। अब लोग ट्रंप की कूटनीतिक इच्छाओं को भी खारिज कर रहे हैं। यह सर्वे वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो के पकड़े जाने के एक हफ्ते बाद किया गया था। इससे यह साफ हो गया है कि ट्रंप की योजना को घरेलू स्तर पर मजबूत ब्रेकिंग नहीं मिल रही है।