जालंधर (Ens): पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया आज जालंधर पहुंचे। राज्यपाल डॉ. बीर अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में 21वीं कन्वोकेशन में शामिल हुए। उन्होंने बोड ऑफ गर्वनर जेएस यादव के साथ मिलकर कॉन्वोकेशन की शुरुआत की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया का नेतृत्व पंजाब करता है पर हालात यह है कि यहां पर नशा बहुत फैल गया है। नशा करने वालों से वैर नहीं उनसे प्यार से बात करें और उन्हें समझाएं कि जो इस दलदल से बाहर आए। देश में अनपढ़ता और बेरोजगारी फैल रही है उसे खत्म करना बेहद जरुरी है।
एनआईटी में ऐसी फैकल्टी बनाई जाए जो अनपढ़ लोगों को ऐसे शिक्षित करें कि वह अपने स्वरोजगार के लिए काम कर पाएं या उसे बढ़ा सकें। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए पंजाब के राज्यपाल ने कहा कि भारत की ताकत संदेश दुनिया तक पहुंचा है।
बॉर्डर क्षेत्रों की स्थिति आज भी चुनौतीपूर्ण है और वहां अच्छी शिक्षा नहीं पहुंच रही। विद्यार्थियों से उन्होंने कहा कि वे अपने ज्ञान का इस्तेमाल वहां के लोगों की मदद के लिए करें। कटारिया ने कहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 9:30 बजे से मौसम साफ होने का इंतजार कर रही थी।
राष्ट्रपति समारो में आकर छात्रों को डिग्रीयां देना चाहती थी परंतु जालंधर में घना कोहरा होने के कारण उन्हें उड़ान की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने इस पर अफसोस भी जताया है कि उनके आग्रह पर वो खुद समारोह में शामिल हुए।
इस दौरान राज्यपाल ने अंडर ग्रेजुएट 2021 से 2025, पोस्ट ग्रेजुएट 2023 से 25 बैच और पीएचडी करने वाले 1452 विद्यार्थियों को डिग्रीयां दी। इसमें 1011 अंडरग्रेजुएट (बीटेक), 238 पोस्टग्रेजुएट (एमटेक), 21 (एमबीए) , 90 एमएससी और 92 पीएचडी विद्यार्थी और 31 अवॉर्ड दिए गए। इसमें 30 विषयवार अवॉर्ड और एक ओवरऑल बीटेक टॉपर अवॉर्ड भी शामिल थे।