अमृतसरः शहर स्थित श्री दरबार साहिब के पवित्र सरोवर के पास एक मुस्लिम युवक द्वारा वजू किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में युवक मुस्लिम टोपी पहने हुए दिखाई दे रहा है और सरोवर के पास बैठकर वजू करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में युवक ने स्पष्ट किया है कि उसे किसी ने भी न तो मुस्लिम टोपी पहनने से रोका और न ही वजू करने को लेकर किसी तरह की आपत्ति जताई। युवक का कहना है कि उसने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से ऐसा नहीं किया। उसने कहा कि पंजाबी और मुस्लिम भाई-भाई हैं और सभी को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। युवक ने यह भी कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि श्री दरबार साहिब परिसर में या पवित्र सरोवर के पास वजू करना उचित नहीं है। उसने अज्ञानता में ऐसा करने की बात कही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव (मुख्य सकतर) कुलवंत सिंह ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी प्रकार से धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सभी धर्मों का सम्मान सर्वोपरि है और धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
वजू क्या होता है?
वजू इस्लाम धर्म में नमाज अदा करने से पहले की जाने वाली शारीरिक शुद्धि की प्रक्रिया है। इसमें हाथ, मुंह, नाक, चेहरा, सिर और पैर पानी से धोए जाते हैं। यह धार्मिक रूप से पवित्रता प्राप्त करने का एक अनिवार्य तरीका माना जाता है, ताकि नमाज शुद्ध अवस्था में पढ़ी जा सके। हालांकि, श्री दरबार साहिब का पवित्र सरोवर सिख धर्म में अत्यंत श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। यहां सरोवर में स्नान को ‘इश्नान’ कहा जाता है, जिसका अपना धार्मिक महत्व है और इसकी मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाता है।