अमृतसरः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आज अमृतसर में सिखों के सर्वोच्च तख्त श्री अकाल तख्त साहिब के सामने 40 मिनट पेशी हुई। इस दौरान सीएम मान जत्थेदार के आगे जमीन पर हाथ जोड़कर बैठे रहे।
पेशी के बाद अकाल तख्त से बाहर निकले सीएम मान ने अपनी पेशी के बारे में बताया और जो भी तथ्य है उन्हें सामने रखा और कहा कि मैंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर नरेटिव बनाया जा रहा है कि मैं अकाल तख्त को चैलेंज कर रहा हूं। मैंने अकाल तख्त के साथ मत्था लगाया है। मैंने उन्हें बताया कि ऐसा कुछ नहीं है। मेरी ऐसी न हिम्मत है और न ही औकात है।
वहीं अब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब का मूल सिद्धांत सबकी भलाई को सबसे आगे रखना है। उन्होंने कहा कि गुरु नानक के सिद्धांतों के अनुसार, इंसान से गलती हो सकती है, लेकिन गुरु और भगवान कभी गलती नहीं करते। जब कोई गुरु नानक के नाम पर गलती करता है, खासकर जब वह राज्य की सत्ता से जुड़ा हो, तो अकाल तख्त साहिब का कर्तव्य और बढ़ जाता है।
जत्थेदार ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और लंबी चर्चा के दौरान उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को स्पष्ट किया। बातचीत बहुत ही सहज और सम्मानजनक माहौल में हुई। इस दौरान सिख कोड ऑफ कंडक्ट, दसवंध, गुरुद्वारा मैनेजमेंट, गोलक और कुछ पुराने वीडियो से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने माना कि उन्हें सिख कोड ऑफ कंडक्ट और सिख सिद्धांतों के बारे में पूरी जानकारी नहीं है और भविष्य में बिना समझे धार्मिक मुद्दों पर कोई कमेंट नहीं करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त साहिब हर उस व्यक्ति के लिए खुला है जो विनम्रता के साथ अपना पक्ष रखने आता है।
इस मौके पर बेअदबी के मामलों पर भी चर्चा हुई और जत्थेदार ने कहा कि इस बारे में एक खास कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही, विदेशों से मिली शिकायतों और विवादित वीडियो की टेक्निकली जांच करके सच्चाई सामने लाई जाएगी। आखिर में, जत्थेदार ने सभी से धार्मिक मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर प्यार, विनम्रता और सिख सिद्धांतों के अनुसार काम करने की अपील की।