अमृतसरः थाना बी डिवीजन के अधीन पड़ते माहना सिंह चौक स्थित चूहड़ गली में घर में भीषण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थी। वहीं इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया गया। लोगों ने घटना की सूचना दमकल विभाग को दी। घटना को दौरान पहले परिवार ने ही घर की छत पर लगी पानी की टंकी से पानी निकाल कर आग बुझाने का प्रयास किया।

लेकिन आग तेजी से फैलती जा रही थी। पहली मंजिल पर ही वृद्ध पिता और उनकी दिव्यांग बेटी सौ रहे थे। लेकिन आगजनी के दौरान वह तेजी से उठकर भाग नहीं सके। इस घटना में वृद्ध पिता और उनकी दिव्यांग बेटी की मौत हो गई। आग लगने का कारण लोहड़ी के मौके पर जलाई गई आग की चिंगारी बताई जा रही है। मौके पर दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा हैकि दमकल विभाग की 7 से 8 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
आग इतनी भड़क चुकी थी कि उस पर काबू पाना काफी कठिन था। घर के मालिक पहली मंजिल पर आराम कर रहे थे। जैसे ही आग लगी तो सारे परिवार ने छत पर चढ़कर शोर मचाना शुरू किया। मिली जानकारी के अनुसार सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया गया। लेकिन परिवार के दो सदस्यों की जहां मौत हो गई। वहां उनका माली नुकसान भी हुआ है। पीड़ित परिवार ने सरकार से इंसाफ की गुहार लगाई है। वहीं मौके पर मौजूद लोगो ने बताया कि दम घुटने से दोनों की वहीं मौत हो गई।
आग लगने के समय घर में कुल पांच लोग मौजूद थे। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की मदद से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं थाना बी-डिवीजन के एसएचओ बलविंदर सिंह ने बताया कि हादसे में दिव्यांग युवती समेत दो लोगों की मौत हुई है। आग लगने के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
गली बेहद तंग होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को करीब 100 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा, जिसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही मेयर जतिंदर सिंह मोटी भाटिया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि रात करीब 11.30 बजे आग की सूचना मिली थी। एसएचओ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर 3 लोगों को आग से बाहर निकाला। मेयर ने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।