नई दिल्ली: ईरान में बढ़ रहे विरोध प्रदर्शन में अब अमेरिका के साथ ईरान के रिश्ते फिर से तनाव में आ रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान पर हमला करने का विचार कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी बोला गया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने के साथ हवाई हमले के विकल्पों पर- विचार कर रहा है हालांकि अभी तक इस रणनीति पर किसी की सहमति नहीं बनी है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी तरह की सैन्य तैनाती या हथियारों की आवाजाही नहीं हुई है। यह योजना सिर्फ संभावित परिस्थितियों के लिए बनाई जा रही है।
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद ने दी चेतावनी
वहीं दूसरी ओर अमेरिका के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की रणनीतिक योजना बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा ही है। इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका जल्द ईरान पर हमला करेगा। वहीं दूसरी ओर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शन कों खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए कह दिया है। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजादी ने यह चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों को अल्लाह का दुश्मन ही माना जाएगा। ऐसे लोगों को मौत की सजा दी जाएगी। ईरान सरकार मीडिया के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की जो मदद करेगा उन पर भी ऐसे ही आरोप लगा दिए जाएंगे। अभियोजकों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वो बिना किसी नरमी के तेजी से मुकदमा चलाएं और सख्त कार्रवाई करें।
प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में उतरे ट्रंप
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान शायद अब पहले से ही कहीं ज्यादा आजादी के करीब है। अमेरिका ईरानी जनता की मदद के लिए तैयार है। इसके अलावा अमेरिका के विदेश विभाग ने कड़ा संदेश जारी किया है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी को हम हल्के में नहीं लगेंगे। ट्रंप कोई भी बात कहते हैं तो उस पर वो अमल करने की क्षमता और इरादा भी रखते हैं।