तीन वर्षों की विफलता एवं चुनावो में हार के डर से पंचायत चुनावों से भाग रही सुक्खू सरकार
ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पंचायत चुनावों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र मलांगड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पंचायत चुनाव करवानें से बच रही है, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। मलांगड़ ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार उच्च न्यायालय के पंचायत चुनावों से संबंधित आदेशों को क्यों नहीं मान रही है।

राजेंद्र मलांगड़ ने कहा कि सरकार पंचायत चुनावों में संभावित हार के डर से डिजास्टर एक्ट का बहाना बनाकर चुनावों को टाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एक बहाना है,जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार को जमीनी स्तर पर जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। पंचायत स्तर पर जनता सरकार की नीतियों और कार्यशैली से नाराज है, इसी कारण सरकार चुनाव कराने से डर रही है। भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ ने कहा कि 23 जनवरी को प्रदेश के पंचायती राज प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके बावजूद सरकार की ओर से नए चुनावों को लेकर कोई ठोस तैयारी या स्पष्टता नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि समय पर चुनाव न करवाना संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। पंचायतें लोकतंत्र की नींव होती हैं और इन्हें कमजोर करना जनता के अधिकारों का हनन है।
राजेंद्र मलांगड़ ने आगे कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राज्य सरकार चुनावों से पीछे हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार राज्य में हर उस चुनाव से भाग रही है, जिसमें उसे हार का डर नजर आता है। चाहे पंचायत चुनाव हों या अन्य स्तर के चुनाव, सरकार जनता के बीच जाने से कतरा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की तथाकथित गारंटियों की सच्चाई को समझ चुकी है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार से लोग परेशान हैं।