जालंधर, ENS: पूर्व आईजी वह हॉकी खिलाड़ी दविंदर सिंह गरचा का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। दविंदर सिंह गरचा 1980 मास्को ओलिंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रह चुके है। वहीं वह पंजाब पुलिस आईजी पद से सेवानिवृत्त हो चुके है। आज उनके निधन की खबर के बाद खेल और प्रशासनिक जगत में शोक छा गया है। मिली जानकारी के अनुसार ओलंपियन दविंदर सिंह गरचा को आज सुबह जालंधर स्थित उनके निवास पर अचानक हार्ट अटैक आया।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उनके दिल में स्टेंट डाले गए थे और उनकी तबीयत स्थिर थी। उनके निधन की खबर फैलते ही हॉकी जगत में शोक की लहर दौड़ गई। कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने इसे भारतीय हॉकी के लिए बड़ी क्षति बताया है। गरचा 1980 की समर ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य रहे। उन्होंने ओलिंपिक के छह मुकाबलों में आठ गोल कर टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। सीमित टूर्नामेंटों में ही उन्होंने कई अहम गोल किए और अपनी पहचान एक तेजतर्रार खिलाड़ी के रूप में बनाई।
खेल करियर के बाद दविंदर सिंह गरचा ने भारतीय पुलिस सेवा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वह अपनी ईमानदारी, अनुशासन और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका खेल से जुड़ाव बना रहा। वह प्रसिद्ध मोहित सिंह मुंशी हॉकी टूर्नामेंट के अध्यक्ष रहे और युवाओं को हॉकी से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उनके निधन पर सुरजीत हॉकी कमेटी सहित कई खेल संस्थाओं और ओलंपियनों ने गहरा दुख जताया है। सभी ने उन्हें भारतीय हॉकी के स्वर्णिम युग का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।फिलहाल उनके अंतिम संस्कार की तिथि और समय की घोषणा नहीं हुई है। परिवार की ओर से बताया गया है कि इसकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी।