जालंधर, ENS: रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, धार्मिक स्थल, अस्पताल, भीड़ वाले बाजार और अन्य पार्किंग स्थल आदि के मालिक/प्रबंधक (कंप्लेक्स के अंदर या बाहर) सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने को लेकर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने सख्त आदेश जारी किए है। पुलिस कमिश्नर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता, 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए ये आदेश जारी किए है। ऐसे में अब सीसीटीवी कैमरे लगाए बिना वाहन पार्किंग नहीं चलाई जाएंगी। जारी आदेश में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सी.सी.टी.वी. कैमरे इस तरह लगाए जाएं कि जो वाहन पार्किंग के अंदर/बाहर आते-जाते हैं, उनका नंबर प्लेट और वाहन चलाने वाले का चेहरा साफ दिखाई दे, और इन संबंधित सी.सी.टी.वी. कैमरों की 45 दिनों तक की रिकॉर्डिंग की सीडी तैयार कर हर 15 दिन बाद सुरक्षा शाखा कार्यालय पुलिस आयुक्त जालंधर में जमा कराई जाए।
इसी तरह, वाहन पार्किंग करने वाले वाहनों के मालिकों का रिकॉर्ड यदि वाहन एक दिन के लिए खड़ा करना हो, तो उसका विवरण जैसे व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, आई.डी., वाहन की प्रकार, रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, वाहन पार्किंग की तारीख और वापस लेने की तिथि दर्ज कराना और इसके साथ ही वाहन मालिक के रजिस्टर्ड पर हस्ताक्षर करवाना आवश्यक है। यदि वाहन एक से अधिक दिनों के लिए खड़ा करना हो, तो उससे संबंधित रिकॉर्ड रजिस्ट्री में इस अनुसार दर्ज किया जाए और वाहन मालिक से उसकी वाहन का रजिस्ट्रेशन एवं ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी लेकर रिकॉर्ड में रखी जाए। इसके अतिरिक्त, पार्किंग स्थान पर काम करने वाले व्यक्तियों की पुलिस वेरिफिकेशन संबंधित थानों से कराई जाए।
पुलिस आयुक्त द्वारा एक और आदेश में कहा गया है कि कोई भी दुकानदार/दरजी, सैन्य/अर्ध सैनिक बल/पुलिस की बनी बनाई वर्दी या कपड़ा लेकर बिना सही पहचान के वस्त्र नहीं बेचेंगे। वर्दी खरीदने वाले व्यक्ति के फोटो पहचान पत्र, जो सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया हो, की स्वयं सत्यापित फोटो कॉपी रखेगा, और खरीदने वाले का रैंक, नाम, पता, फोन नंबर तथा नियुक्ति स्थान से संबंधित रिकॉर्ड रजिस्टर में बनाएगा तथा यह रिकॉर्ड दो महीने में एक बार संबंधित मुख्य थाना अधिकारी से सत्यापित कराएगा और जरूरत पड़ने पर पुलिस को प्रस्तुत करेगा।
पुलिस आयुक्त द्वारा एक और आदेश में कहा गया है कि पुलिस जालंधर की सीमा के अंतर्गत सड़क के साथ-साथ फुटपाथ पर अनाधिकृत बैनर लगवाना, दुकानदारों द्वारा दुकान की सीमा से बाहर सड़क और फुटपाथ पर सामान रखकर बेचने पर रोक लगाई गई है। इसी तरह, साइबर क्राइम रोकने के उद्देश्य से, जनता हित को ध्यान में रखते हुए और शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश दिए गए हैं कि पुलिस आयुक्त जालंधर की सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी मोबाइल फोन और सिम विक्रेता, मोबाइल फोन और सिम बेचते समय खरीदार की पहचान पत्र/आई.डी. प्रूफ/फोटो लेकर ही मोबाइल फोन और सिम बेचेंगे, और ग्राहक/विक्रेता को भी अपने फॉर्म पर अपनी मोहर और हस्ताक्षर के साथ ‘खरीद प्रमाण पत्र’ प्रस्तुत करना होगा।
इसके अतिरिक्त, फोन खरीदते समय ग्राहक या उसका कोई संबंधी/ज्ञात व्यक्ति, जिसका खाता में यूपीआई भुगतान या कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया जाता है, उसकी आई.डी. भी दुकान वाले को जमा करनी होगी, और ग्राहक का नाम, जन्म तिथि, पिता का नाम, पूरा घर का पता, जिस पर फोन या सिम बेचा गया हो, उसकी आई.डी. प्रमाण, मोबाइल और सिम खरीदने वाले व्यक्ति का अंगूठे का निशान, और हस्ताक्षर, मोबाइल फोन बेचने/खरीदने की तिथि और समय, तथा जिस खाते से भुगतान हुआ है उसकी आई.डी. प्रमाण और ग्राहक की फोटो के साथ रजिस्टर में रिकॉर्ड रखेगा।
एक और आदेश के अनुसार, जालंधर के अधीन क्षेत्र में पतंग उड़ाने के लिए प्रयोग होने वाली चाइना/मांझा डोर (नाइलोन, प्लास्टिक या सिंथेटिक सामग्री से बनी डोर/धागा या कोई ऐसी डोर/धागा जिस पर सिंथेटिक/कांच या तीखी धातु की परत चढ़ी हो, जो पंजाब सरकार के मानकों के अनुरूप न हो), का निर्माण, बिक्री, स्टोरिंग, खरीद, आपूर्ति, आयात और पतंग उड़ाने के लिए प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश में कहा गया है कि पतंग उड़ाने की अनुमति केवल सूती धागे से ही होगी, जो किसी भी तरह की तीखी/धातू या कांच से बनी हुई परत से मुक्त हो। उपरोक्त सभी आदेश 7 मार्च 2026 तक लागू रहेंगे।
