बाजार और यूनिवर्सिटी बंद, Donald Trump ने भी दी चेतावनी
तेहरानः ईरान में महंगाई के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन लगातार जारी है। वहीं बीती रात यह प्रदर्शन आक्रामक हो गया और हालात इतने खराब हो गए कि देखते ही देखते हिंसा भड़क गई। सड़कों पर सिर्फ लोग ही लोग नजर आ रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक देशभर के करीब 100 शहरों में यह प्रदर्शन फैल चुका है।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कें ब्लॉक कीं, आग लगाई। “खामेनेई को मौत” और “इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ” जैसे नारों के साथ लोगों ने प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में रहे। उन्होंने कहा कि ‘यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे’ के नारे लगाए।
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अमेरिकी ह्यूमन राइट एजेंसी के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 लोग मारे गए हैं, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जबकि 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। तेहरान में बाजार बंद रहे, छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा किया। इसे इंटरनेट वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने हिंसक दमन की तैयारी बताया। फिर भी कुछ लोग स्टारलिंक से वीडियो पोस्ट कर रहे हैं।
प्रदर्शन और तेज हो गए जब निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार को लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की। रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। उनके पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए थे। युवराज पहलवी अभी अमेरिका में रह रहे हैं।
पहलवी ने लिखा, ‘मैं राष्ट्रपति ट्रम्प की तारीफ करता हूं। आजाद दुनिया के नेता के तौर पर, उन्होंने एक बार फिर सरकार को जवाबदेह ठहराने की जरूरत पर जोर दिया है। अब समय आ गया है कि दूसरे लोग उनके नक्शे कदम पर चलें, अपनी चुप्पी तोड़ें, और मजबूती से ईरानी लोगों के समर्थन में कार्रवाई करें।’
इस अशांति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका, ईरान पर हमला करेगा। ट्रम्प ने कहा, “मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि वे अपने दंगों में अक्सर करते हैं, तो हम उन्हें बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे।”
बता दें, देशभर में GenZ आक्रोश में है। इसका कारण आर्थिक बदहाली रहा है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा सरकार द्वारा 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।