जालंधर, ENS: नगर निगम जालंधर की जल सप्लाई और सीवरेज शाखा में तैनात क्लर्क करुण धीर को विजिलेंस ब्यूरो ने 2000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई विजिलेंस ब्यूरो की जालंधर टीम ने की। आरोपी की गिरफ्तारी राम नगर, जालंधर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता पिछले करीब 15 महीनों से दोआबा चौक के पास एक अहाता चला रहा था।
कनेक्शन काटने की धमकी देकर मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता के अनुसार, क्लर्क करुण धीर उसके अहाते पर पहुंचा और उस पर अवैध पानी कनेक्शन इस्तेमाल करने और गंदा पानी सीवरेज में डालने का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपी ने पानी और सीवरेज कनेक्शन काटने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका पानी कनेक्शन करीब 15 साल से पूरी तरह वैध है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी उसे लगातार डराता और परेशान करता रहा।
2000 रूपये देने पर कनेक्शन न काटने की शर्त
आरोपी क्लर्क ने कनेक्शन न काटने के बदले 2000 की रिश्वत की मांग की। लगातार धमकियों से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने आखिरकार विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया।
रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग आई सामने
शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था और इसे सबूत के तौर पर विजिलेंस ब्यूरो को सौंपा। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी छोटे-छोटे कामों के बदले नियमित रूप से रिश्वत लेता था।
जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को 2000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
घर की तलाशी में 2.72 लाख नकद बरामद
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के घर की तलाशी ली। इस दौरान वहां से 2.72 लाख नकद बरामद किए गए।
भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज
इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।
आय और संपत्ति की होगी गहन जांच
विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है। आरोपी की आय, संपत्ति और पैसों के स्रोतों की भी जांच की जाएगी।
