4 जिलों से मीटिंग में पहुंचे थे नेता
बठिंडाः पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन दूसरी ओर कांग्रेस में गुटबाजी चुनावों से पहले चिंता का विषय बनती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा गुटबाजी को दरकिनार किया जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर नेताओं में खुलकर एक-दूसरे का विरोध किया जा रहा है। वहीं जिले में लॉर्ड रामा हॉल में कांग्रेस की एक बैठक के दौरान पार्टी में गुटबाजी का मामला फिर से खुलकर सामने आया है।
जहां रामपुरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और कांग्रेस नेता जशन चहल के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। बैठक में 4 जिलों में से बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब, मानसा और फरीदकोट के नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। दोनों गुटों में बहस तब शुरू हुई जब पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग पार्टी में आकर माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने इन लोगों पर आम आदमी पार्टी को ब्लॉक समिति चुनावों में मदद करने का भी आरोप लगाया।
इसके जवाब में, कांग्रेस नेता जशन चहल और उनके समर्थकों ने कहा कि जो लोग पार्टी का माहौल खराब कर रहे हैं, वे भाजपा से कांग्रेस में आए हैं। दोनों नेताओं के समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिससे बैठक में तनाव बढ़ गया। बैठक का आयोजन पंजाब प्रदेश कांग्रेस के बठिंडा सेक्रेटरी इंचार्ज रविंदर दलवी की देखरेख में किया गया था। दलवी ने बताया कि 11 जनवरी को लहरा मोहब्बत में एक रैली आयोजित की जा रही है। यह रैली मनरेगा मजदूरों के हक में केंद्र सरकार के खिलाफ होगी, जिसके लिए विभिन्न नेताओं से मजदूर और श्रमिक लाने के संबंध में सुझाव लिए जा रहे थे।