लुधियानाः पंजाब में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें साइबर अपराधियों ने लोगों को ठगने के लिए नई तकनीक अपनाई है। दरअसल, पीएयू पुलिस स्टेशन के SHO के पद पर तैनात एक इंस्पेक्टर की तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए लोगों से वसूली करने की कोशिश की गई। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब एक पीड़ित ने कॉल रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर साझा की। कुछ ही घंटों में यह क्लिप वायरल हो गई, जिसके बाद पुलिस और जनता दोनों का ध्यान इस ओर गया। वहीं साइबर क्राइम पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी देते इंस्पेक्टर विजय कुमार ने कहा कि उन्हें पता चला कि उनकी वर्दी में ली गई तस्वीर का इस्तेमाल धोखेबाजों द्वारा पैसे वसूलने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉल एक पाकिस्तानी नंबर से की गई थी। जैसे ही उन्हें इसके बारे में पता चला, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सार्वजनिक अपील जारी की, जिसमें लोगों से इस तरह के फर्जी कॉल का शिकार न होने और पुलिस के साथ ऐसे किसी भी दावे को सत्यापित करने का आग्रह किया।
एसएचओ ने कहा कि इस मामले को साइबर क्राइम सेल के संज्ञान में लाया गया है ताकि आगे की जांच की जा सके और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके। धोखाधड़ी करने वाले ने एक कॉल में झूठा दावा किया कि पीड़ित का बेटा एक गैंग रेप मामले में आरोपियों के साथ था, जिस कारण उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद धोखेबाज ने लड़के को ‘रिहा’ करने के लिए 70,000 रुपए की मांग की।
गौरतलब है कि यह कोई अलग मामला नहीं है। इससे पहले 25 अक्टूबर को लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट के एसीपी-ईस्ट सुमित सूद का मोबाइल फोन कथित तौर पर हैक कर लिया गया था। आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी संपर्क सूची तक पहुंच बनाई और पुलिस अधिकारियों और मीडिया कर्मियों सहित कई लोगों को संदिग्ध अटैचमेंट के साथ धोखाधड़ी वाले संदेश भेजे।