लुधियाना: ओरिसन अस्पताल से महिला की लाश गायब होने के मामले में थाना सराभा नगर की पुलिस ने FIR दर्ज की है। FIR में Orison अस्पताल लुधियाना के 4 निदेशकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। मामले में पुलिस ने निदेशकों को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया है। महिला के शव गायब होने का खुलासा तब हुआ जब परिवार वाले अंतिम संस्कार के लिए लाश लेने पहुंचे थे। अस्पताल ने उन्हें किसी दूसरे की लाश थमा दी। जब उन्होंने चेहरा देखा तो हंगामा कर दिया कि ये लाश हमारी महिला रिश्तेदार की नहीं है।
इसके बाद परिवार वाले अस्पताल के अंदर ही धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने कहा था कि महिला की लाश किसी दूसरे को दे दी गई। हालांकि इस मामले में दूसरा पक्ष कैमरे के सामने नहीं आया। अस्पताल के निदेशकों के खिलाफ लुधियाना निवासी जसवंत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है।
FIR में स्पष्ट किया गया है कि मामले में शामिल कर्मचारी अकेले ऐसा नहीं कर सकते। इसमें अस्पताल प्रबंधन और निदेशकों की जानबूझकर लापरवाही और मंजूरी शामिल थी। शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल प्रबंधन ने पीड़ित परिवार को CCTV फुटेज उपलब्ध कराने से इनकार किया, जिससे यह साबित होता है कि अस्पताल ने सबूत छुपाने का प्रयास किया।
SHO आदित्य शर्मा ने बताया कि चार निदेशकों को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। जिन पर कार्रवाई की गई है, उनमें डॉ. निर्मलजीत सिंह मल्ही–निदेशक, ओरिसन अस्पताल, डॉ. सुनील मित्तल–निदेशक, डॉ. राजीव ग्रोवर–निदेशक, डॉ. मनीषा मित्तल–निदेशक के नाम शामिल है।
