हेल्थः शरीर में बनने वाला कोर्टिसोल एक बेहद जरूरी हार्मोन है, जिसे आमतौर पर स्ट्रेस हार्मोन कहा जाता है। यह तनाव की स्थिति में शरीर को संभालने और एनर्जी देने का काम करता है। सामान्य तौर पर सुबह कोर्टिसोल का लेवल ज्यादा होता है, जिससे शरीर एक्टिव रहता है, जबकि रात में यह कम हो जाता है ताकि नींद आ सके।
लेकिन जब रोज़मर्रा की कुछ गलत आदतें इस नेचुरल साइकल को बिगाड़ देती हैं, तो शरीर में जरूरत से ज्यादा कोर्टिसोल बनने लगता है। इसका असर पेट की चर्बी बढ़ने, नींद खराब होने, मूड स्विंग, कमजोर इम्युनिटी और शरीर की रिकवरी पर साफ दिखाई देता है।
1. नींद की कमीः अगर आप लगातार कम सोते हैं तो शरीर कोर्टिसोल को कम नहीं कर पाता। रोज़ाना 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है। एक रात की खराब नींद भी कोर्टिसोल लेवल बढ़ा सकती है। जो लोग 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें शाम तक भी स्ट्रेस हार्मोन हाई बना रहता है। नींद की कमी से जंक फूड की क्रेविंग और वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
2. जरूरत से ज्यादा वर्कआउटः तेज और ज्यादा वर्कआउट के दौरान कोर्टिसोल बढ़ना सामान्य है, लेकिन जब शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलता, तो यह नुकसानदायक हो जाता है। लगातार ओवरट्रेनिंग से थकान बढ़ती है और हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है। इसका असर महिलाओं में पीरियड्स और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल पर भी पड़ सकता है।
3. ज्यादा कैफीन का सेवनः कॉफी और चाय में मौजूद कैफीन शरीर को अलर्ट करता है, लेकिन साथ ही कोर्टिसोल भी बढ़ाता है। दिन में ज्यादा कैफीन या दोपहर के बाद कॉफी पीने से स्ट्रेस और नींद दोनों प्रभावित होती हैं। खासतौर पर पहले से तनाव में रहने वालों पर कैफीन का असर ज्यादा होता है।
4. लगातार मानसिक तनावः ऑफिस का दबाव, घर की टेंशन और रोज़मर्रा की परेशानियां शरीर के स्ट्रेस सिस्टम को लगातार एक्टिव रखती हैं। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव मूड, याददाश्त और इम्युनिटी को नुकसान पहुंचाता है। लगातार नेगेटिव सोच कोर्टिसोल लेवल को और बढ़ा देती है।
5. ज्यादा स्क्रीन टाइमः मोबाइल और टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को एक्टिव रखती है। इससे नींद के लिए जरूरी मेलाटोनिन हार्मोन बनने में रुकावट आती है और रात में भी कोर्टिसोल हाई रहता है। ज्यादा स्क्रीन टाइम नींद की क्वालिटी को बुरी तरह प्रभावित करता है।
6. मील्स स्किप करनाः ब्रेकफास्ट या लंच छोड़ने पर शरीर इसे भूख की स्थिति मान लेता है, जिससे कोर्टिसोल बढ़ जाता है। इस दौरान शरीर एनर्जी के लिए मसल्स और फैट को तोड़ने लगता है। लगातार मील्स स्किप करने से पेट की चर्बी और स्ट्रेस दोनों बढ़ सकते हैं।