अमृतसरः सिख सद्भावना दल के मुख्य सेवक बलदेव सिंह वडाला के बयानों के आधार पर 328 पवित्र स्वरूपों के मामले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद, अमृतसर पुलिस ने मोहाली से सतिंदर सिंह कोहली को बीते दिन गिरफ्तार किया। देर रात भारी पुलिस फोर्स की सुरक्षा में कोहली को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया। जहां पुलिस की ओर से मीडिया से दूरी बनाए रखी। इसी बीच, पुलिस ने अदालत के आसपास बैरिकेडिंग लगाकर घेराबंदी कर ली और मीडिया को दूर रखा गया।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि मीडिया के कैमरों में सतिंदर सिंह कोहली की तस्वीर ना आ जाए, उन्होंने छतरियों की मदद से सतिंदर कोहली को कोर्ट के अंदर छिपा दिया। सतिंदर कोहली को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस भारी सुरक्षा के बीच कोहली को लेकर रवाना हो गई। वहीं कोर्ट से पुलिस को कोहली का 6 दिन का रिमांड मिला है। इसी बीच, जब अदालत में मौजूद अमृतसर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने भी मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया और मीडिया के साथ कोई भी जानकारी साझा नहीं की।
यह उल्लेखनीय है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सीए होने के अलावा, कोहली सुखबीर बादल के सीए भी रह चुके हैं और उनके बहुत करीबी थे। कोहली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के ऑडिट संबंधी कार्यों की भी देखरेख कर रहे थे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की 328 पवित्र प्रतियों के घोटाले में पुलिस द्वारा की गई यह पहली गिरफ्तारी है। बता दें कि कोहली की कंपनी एसएस कोहली एंड एसोसिएट फर्म को 2009 में शिरोमणि कमेटी के अंदरूनी ऑडिट और खातों के कंप्यूटरीकरण तथा उनका कार्य देखभाल करने के लिए 3.5 लाख रुपये प्रति माह दिए जाते थे।
उल्लेखनीय है कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि एसएस कोहली एंड एसोसिएट फर्म ने इस संबंध में केवल एक ही काम किया था, जबकि उसे चार कार्यों के लिए पैसे दिए गए थे। इस कारण 2020 में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित जांच समिति ने उनकी सेवाएँ समाप्त कर दीं और साथ ही फैसला लिया गया कि उन्होंने जो वसूली की गई भुगतान राशि है उसका कुल 75 प्रतिशत वापस करना होगा। गुरु ग्रंथ साहिब की 328 प्रतियों के गायब होने का मामला साल 2020 में पहली बार सार्वजनिक रूप से आया।