शरियतपुरः बांग्लादेश के शरियतपुर जिले के दामुद्या एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। एक बार फिर नफरत ने बांजार बंद कर घर लौट रहे एक कारोबारी की जान लेने की कोशिश की। दरअसल, दामुद्या इलाके में 50 वर्षीय खोकन चंद्र नाम के एक हिंदू शख्स को भीड़ ने घेर लिया। इस दौरान भीड़ ने पहले बेरहमी से उसकी पिटाई की और उसके बाद उस पर चाकू से वार किया। यही नहीं भीड़ ने इसके बाद पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। इस घटना में गंभीर हालत में कारोबारी को ढाका रेफर किया गया है।
कारोबारी केनश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार में दवा और मोबाइल बैंकिंग का कारोबार करते हैं। पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद कर वह दिन की कमाई लेकर सीएनजी ऑटो से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दामुद्या-शरियतपुर रोड पर केउरभंगा बाजार के पास बदमाशों ने ऑटो रुकवाया और उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए खोकन चंद्र दास सड़क किनारे स्थित एक तालाब में कूद गए। आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर हमलावर मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और रात करीब 10 बजे शरियतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें उसी रात ढाका भेज दिया गया। घायल की पत्नी सीमा दास ने बताया कि उनके पति रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी वजह से बदमाशों ने उनकी हत्या की नीयत से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं है और किसी तरह का कोई विवाद भी नहीं था, फिर भी इस तरह का हमला क्यों हुआ, यह समझ से बाहर है।
शरियतपुर सदर अस्पताल के डॉक्टर नज़रुल इस्लाम ने बताया कि खोकन चंद्र दास के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं। पेट में गंभीर चोट है, जिसकी वजह से उन्हें ढाका रेफर किया गया। इसके अलावा उनके चेहरे, सिर के पिछले हिस्से और हाथों पर जलने के निशान भी पाए गए हैं। दामुद्या थाने के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद रबीउल हक ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में दो आरोपियों की पहचान की गई है, जिनके नाम रब्बी और सोहाग बताए गए हैं। दोनों स्थानीय निवासी हैं। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में और कौन-कौन शामिल था।
