धर्म: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को खास महत्व दिया गया है। यह पौधा घर में लगाने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। सनातन धर्म में भी इस पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरुप माना जाता है। हर साल 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है। ये दिन तुलसी के धार्मिक और औषधीय महत्व को दर्शाता है। इस त्यौहार को मनाने की शुरुआत 2014 में हुई थी। देश के कई साधु-संतों ने 25 दिसंबर को तुलसी पूजन के तौर पर मनाने का फैसला लिया था। तभी से लेकर हर साल इसी दिन तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
25 दिसंबर को तुलसी पूजन मनाया जाएगा। ऐसे में इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 8 बजे से लेकर 10 बजे तक होगा। शाम में पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:30 बजे से 7 बजे तक रहेगा। इस दौरान पूजा करना शुभ रहेगा।
ऐसे करें पूजा
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनें। पूजा की थाली बना लें। थाली में रोली, चंदन, कुमकुम, चावल, फूल, हल्दी और लाल चुनरी रखें। एक लौटे में शुद्ध जल भरें। इसके बाद सबसे पहले मां तुलसी को जल चढ़ाएं और हाथ जोड़कर नमन करें। इसके बाद तुलसी माता को चुनरी ओढ़ा दें। फिर सिंदूर, चावल, कुमकुम, हल्दी और फूल चढ़ाएं। धूप, बाती और दीपक जलाएं। तुलसी मां के मंत्रों को जाप करें।
पूजा का महत्व
मान्यताओं के अनुसार, तुलसी मां की पूजा करने से घर में पॉजिटिविटी आती है। सुख-समृद्धि बढ़ती है और जीवन में शांति आथी है। इसके अलावा तुलसी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। तुलसी पूजन दिवस पर श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा करके आप मां तुलसी का आशीर्वाद पा सकते हैं।
इस बात का भी रखें ध्यान
तुलसी के पौधे को हमेशा साफ और स्वस्थ रखें। पूजा के दौरान पूरे मन से श्रद्धा और भक्ति के साथ मंत्रों का उच्चारण करें। तुलसी मां को प्रसन्न करने के लिए भोग और दीपक नियमित रुप से अर्पित करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होगी।
