Punjab Govt
HomeHimachalBaddiHimachal News: डॉ. कर्मचंद की किताब वसुद्दैव कुटुंबकम का हुआ विमोचन

Himachal News: डॉ. कर्मचंद की किताब वसुद्दैव कुटुंबकम का हुआ विमोचन

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

चंडीगढ़ के सेक्टर 17 की  टीएस सेंट्रल स्टेट लाईब्रेरी में हुआ

बद्दी/सचिन बैंसल: डॉ. कर्मचंद की किताब वसुद्दैव कुटुंबकम का चंडीगढ़ के सेक्टर 17 की टीएस सेंट्रल स्टेट लाईब्रेरी में हुआ। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम  में बतौर मुख्य अतिथि ब्रह्मा जगदीश सिंह ने  निर्मल सूद, सृष्टि प्रकाश व विजय कपूर की अध्यक्षता में हुआ।

वसुधैव कुटुंबकम का अनुसरण धरती पर ही स्वर्ग का अनुभव करवा सकता है। डॉक्टर कर्मचंद की ओर से वसुधैव कुटुंबकम् पुस्तक लिखने का उद्देश्य यह है, कि जैसे आज विश्व युद्ध ,बेरोजगारी, भुखमरी, पर्यावरण संकट और सांस्कृतिक विघटन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है इनके समाधान हेतु वसुधैव कुटुंबकम  की नीति को आधार मानकर जब राष्ट्र एक दूसरे को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के रूप में देखने लगेंगे, तब हथियारों की होड़ के स्थान पर संवाद और सहयोग का मार्ग प्रशस्त होने से सह अस्तित्व संभव हो पाएगा। जो मानवीय मूल्यों, सामाजिक संरचना के प्रगतिशील दृष्टिकोण से विश्व बंधुता की भावना के साथ-साथ समसामयिक विषयों जैसे पारिवारिक संरचना, पर्यावरण चेतना युवा पीढ़ी की भागीदारी और भारत के वैश्विक योगदान के प्रयासों को भी दर्शाती है।

इस रचना में मानवता की खुशहाली को प्रमुखता देते हुए स्वार्थी और लालची स्वभाव को नियंत्रित कर, जियो और जीने दो, एवं सर्वे जन: सुखिन:भवंतु तथा वसुधैव कुटुंबकम को आधार मानकर धर्म, जाति और क्षेत्रवाद के भेदभाव भुलाकर, संहारक अस्त्रों – शास्त्रों का निर्माण बंद कर, मानवता की सुख समृद्धि के लिए प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में, पेड़ पौधे लगाकर , प्रकृति के संरक्षण के लिए दिल से प्रयास करने होंगे।  यदि दुनिया के सभी मानव आने वाली युवा पीढ़ियों को सुखी और आरोग्य जीवन व्यतीत करने का सौभाग्य प्रदान करने में दिल से प्रयास करें, तो हमारे लिए यह सभ्य मानवता का उत्तम उदाहरण होगा।

वास्तव में वसुधैव कुटुंबकम की नीति प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति की आत्मा रही है।  समाज में परस्पर सहयोगात्मक, आत्मीयता एवं विश्व बंधुता आदि नीतियों पर बल देकर आपसी समाजस्य से यदि विश्व के प्रत्येक मनुष्य का प्रयास नर सेवा ही नारायण सेवा की प्रति आहूति डालने के सदृश्य हो, एवं वसुधैव कुटुंबकम के आदर्श का पालन कर,धरती पर ही स्वर्ग की अनुभूति हो सकती है।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Punjab Govt

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -