चंड़ीगढ़: पंजाब के भविष्य को हरा-भरा बनाने की दिशा में मान सरकार ने एक नई पहल की है, जो केवल भौतिक विकास नहीं बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। ‘ग्रीनिंग पंजाब मिशन’ के तहत राज्य के हर कोने में पेड़-पौधे लगाकर न केवल हवा साफ की जा रही है, बल्कि बच्चों, किसानों और आम नागरिकों को प्रकृति के करीब लाया जा रहा है। यह मिशन दिखाता है कि जब सरकार संकल्पित होती है, तो पर्यावरण के साथ हमारा रिश्ता कितनी गहराई और सौंदर्य से विकसित हो सकता है। यह केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि पंजाब के हर नागरिक के जीवन में हरियाली और स्वास्थ्य का संदेश है।
इस पहल के तहत अब तक 12,55,700 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं—शहरी वानिकी, औद्योगिक क्षेत्रों, स्कूलों और नानक बाग़ों में। हर एक पौधा सिर्फ हरियाली नहीं, बल्कि शुद्ध हवा, ठंडी छाया और जल संरक्षण की दिशा में योगदान है। स्कूलों में लगाई गई पौधों की संख्या बच्चों को प्रकृति के करीब लाने का अवसर देती है, औद्योगिक क्षेत्रों में पेड़ प्रदूषण को कम करते हैं, और नानक बाग़ों में गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप प्रकृति प्रेम की भावना जागृत होती है। यह सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है, जिसमें हर नागरिक इस हरित क्रांति का हिस्सा बन रहा है।
मान सरकार ने यह साबित किया है कि उनका दृष्टिकोण केवल वर्तमान तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी दूरगामी है। लाखों पेड़ न केवल कार्बन डाइऑक्साइड सोखेंगे, बल्कि जल स्तर सुधारने और प्रदूषण कम करने में मदद करेंगे। पंजाब का यह हरित विस्तार न केवल पर्यावरण की रक्षा करता है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि को भी पुनर्जीवित करता है। ‘ग्रीनिंग पंजाब मिशन’ हर पंजाबी के लिए एक संदेश है कि जब सरकार और जनता मिलकर प्रकृति के लिए काम करते हैं, तो यही असली विकास और स्थायी विरासत बनती है।