ऊना/सुशील पंडित: ऊना पुलिस अब आधुनिक तकनीक से लैस होकर सड़कों पर और अधिक सक्रिय व प्रभावी निगरानी कर सकेगी। विश्व बैंक की सहायता से ऊना पुलिस को तीन अत्याधुनिक वाहन प्राप्त हुए हैं, जिनमें चारों दिशाओं में हाईटेक कैमरे स्थापित किए गए हैं। ये कैमरे किसी भी घटना स्थल के चारों ओर की तस्वीरें और वीडियो स्वतः रिकॉर्ड कर लेते हैं, जिससे दुर्घटना या किसी अन्य घटना के सटीक सबूत एकत्रित करने में पुलिस को बड़ी सहायता मिलेगी।
पुलिस लाइन झलेड़ा में पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय से कुल चार वाहन मिले हैं— इनमें दो गश्ती वाहन, एक आधुनिक गति-नियंत्रक (इंटरसेप्टर) वाहन शामिल है।
एसपी ने बताया कि मेहतपुर से मुबारकपुर तक का इलाका जिला ऊना का सबसे अधिक दुर्घटना-प्रभावित क्षेत्र है। इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं को कम करने के लिए इन वाहनों को सड़कों पर लगाया जाएगा, जो चौबीसों घंटे निगरानी कर सकेंगे। वाहनों में लगे कैमरे घटना स्थल की पूर्ण रिकॉर्डिंग करेंगे, जिससे पुलिस को सटीक और विश्वसनीय सबूत जुटाने में मदद मिलेगी।
इंटरसेप्टर वाहन में उन्नत गति-नियंत्रण प्रणाली (रडार) लगी है, जो वाहन के चलने के दौरान भी सामने वाले वाहनों की गति माप सकेगी। इससे तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी। इसके अलावा, इन वाहनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने की जांच के लिए अल्कोहल सेंसर भी लगाए गए हैं।
हर वाहन में वैश्विक स्थान निर्धारण प्रणाली (जीपीएस) भी मौजूद है, जिससे दुर्घटना स्थल तक तेजी से पहुंचा जा सकेगा। समय पर सहायता मिलने से दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या कम की जा सकेगी। एसपी अमित यादव ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। यदि घायलों को समय पर उपचार मिल जाए तो कई कीमती जानें बचाई जा सकती हैं।
इसके लिए पूरे क्षेत्र को तीन निरीक्षण बीटों में बांटा गया, पहली बीट मेहतपुर से घालुवाल तक, दूसरी बीट घालुवाल से धुसाड़ा तक तथा तीसरी बीट झलेड़ा चौक से बनखंडी तक होगी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस पारंपरिक तरीके के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के सहयोग से भी मैदान में उतरेगी, जिससे सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।