ऊना/सुशील पंडित: स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने आरएसएस की राष्ट्रवादी, सांस्कृतिक और समाजसेवी विचारधारा पर की गई जगत सिंह नेगी की विवादित, भ्रामक और शर्मनाक टिप्पणी पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

गौरव कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश की सबसे पुरानी, अनुशासित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित संस्था है, जिसकी विचारधारा राष्ट्रवाद, संस्कृतिजन्य जीवन मूल्यों, सामाजिक समरसता और कर्तव्यनिष्ठ सेवा पर आधारित है। ऐसे संगठन पर बिना तथ्य और बिना आधार के राजनीति से प्रेरित आरोप लगाना न केवल अज्ञानता का प्रमाण है, बल्कि समाज में जानबूझकर भ्रम और तनाव फैलाने की कोशिश भी है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है, प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य,समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारा स्थापित करने के प्रयास,युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण इन सभी क्षेत्रों में आरएसएस की भूमिका अनुकरणीय और अतुलनीय रही है।
ऐसी संस्था पर गलत, अपमानजनक और आधारहीन टिप्पणी करना उसकी राष्ट्रवादी विचारधारा पर सीधा प्रहार है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जगत सिंह नेगी को अपने शब्दों की मर्यादा रखनी चाहिए, परंतु जिस स्तर की टिप्पणी उन्होंने की है, वह अत्यंत निंदनीय, असंवेदनशील और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है।
स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी ने जगत सिंह नेगी के बयान का कड़े शब्दों में विरोध जताते हुए यह मांग की है कि वे तत्काल अपनी भ्रामक टिप्पणी पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दें और माफी माँगें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना और समाज को विभाजित करने वाली बयानबाज़ी दोबारा न हो। ट्रस्ट ने इस बयान को राष्ट्रवादी संगठनों के सम्मान और पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कदम बताया है।