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देश में पहली बार नकली दवाइयों और NDPS पर अंतर्राज्यीय मंथन, सात राज्यों के कंट्रोलर हुए एक मंच पर

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चंडीगढ़: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) हरियाणा द्वारा नकली दवाइयों और एनडीपीएस (NDPS) के मुद्दे पर देश का पहला अंतर्राज्यीय सेमिनार चंडीगढ़ में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में सात राज्यों के ड्रग्स कंट्रोलर, सीआईडी और पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

इस सेमिनार का उद्देश्य पड़ोसी राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाकर नकली/जाली दवाओं की रोकथाम एवं एनडीपीएस दवाओं के नशे के तौर पर दुरुपयोग को रोकना था। इसके तहत विभिन्न राज्यों के विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और प्रवर्तन अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने किया। इस अवसर पर एफडीए हरियाणा के आयुक्त डॉ. मनोज कुमार, राज्य औषधि नियंत्रक ललित कुमार गोयल सहित मुख्यालय एवं फील्ड अधिकारी मौजूद रहे।

डॉ. मनोज कुमार ने सभी राज्यों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए एनडीपीएस मामलों में एफडीए हरियाणा की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों के बीच आपसी समन्वय की अहमियत पर जोर दिया।

अपने संबोधन में सुधीर राजपाल ने एफडीए हरियाणा को अंतर्राज्यीय ज्ञान-साझा सेमिनार आयोजित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं और एनडीपीएस तस्करी का मुद्दा स्थानीय नहीं, बल्कि राज्यों के बीच साझा चुनौती है, जिसके लिए डेटा साझेदारी और पारदर्शी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

सेमिनार में पूर्व डीजीपी एवं सीबीआई के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. केशव कुमार, महाराष्ट्र के सेवानिवृत्त संयुक्त आयुक्त व राज्य औषधि नियंत्रक ओ. एस. सधवानी तथा हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल ने महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की।

डॉ. केशव कुमार ने भारत फार्मास्यूटिकल एलायंस द्वारा बनाए जा रहे राष्ट्रीय डेटाबेस की जानकारी दी और फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका पर प्रकाश डाला। ओ. एस. सधवानी ने हाल के मामलों में स्प्यूरियस/एएसक्यू दवाओं के कारण बच्चों की मौतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया।

ललित गोयल ने नियंत्रित पदार्थों की अवैध तस्करी एवं दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए बहु-हितधारक रणनीति अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने लेबलिंग और पैक साइज पर सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया की सेमिनार के निष्कर्ष राज्य एवं केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे, जिससे भविष्य में अंतर्राज्यीय रणनीतियों को मजबूत किया जा सके। हिमाचल प्रदेश के राज्य औषधि नियंत्रक मनीष कपूर द्वारा पैनल चर्चा का आयोजन किया गया।

इसके अतिरिक्त पंजाब, हिमाचल तथा अन्य राज्यों के ड्रग्स कंट्रोलर संजीव गर्ग, दीपक शर्मा एवं सुशांत शर्मा भी उपस्थित रहे। सात राज्यों के 70 से अधिक अधिकारियों ने इसमें भाग लिया। इस अवसर पर एफडीए हरियाणा के सहायक राज्य औषधि नियंत्रक करण सिंह गोदारा तथा परजिंदर सिंह भी उपस्थित थे।

 

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