ऊना/सुशील पंडित: भाषा एवं संस्कृति विभाग ऊना द्वारा पहाड़ी भाषा के संरक्षण एवं संवर्द्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लता मंगेशकर कला केन्द्र, समूरकलां में विविध जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में पहाड़ी भाषा के प्रति रुचि जगाना तथा स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय-स्तर पर पहाड़ी भाषण, पहाड़ी निबंध लेखन, पहाड़ी मुहावरे एवं लोकोक्ति लेखन तथा पहाड़ी पहेली लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिला ऊना के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 80 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भाषण प्रतियोगिता के परिणाम
पहाड़ी भाषा की संवर्द्धक हिमाचली बोलियाँ’ विषय पर विद्यार्थियों ने पहाड़ी भाषा में अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें प्रथम स्थान पर आर्य पब्लिक स्कूल, बंगाणा से अंजलि, द्वितीय स्थान पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलाई की सांच बंगा, तृतीय स्थान पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अरलू की आँचल, चतुर्थ स्थान पर स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, गगरेट की दिशिता शामिल रही। इसके साथ ही प्रतिभागियों ने ‘जिला ऊना के पारम्परिक त्योहार’ तथा ‘जिला ऊना के पारम्परिक परिधान एवं आभूषण’ विषयों पर निबंध लिखे। इनमें प्रथम स्थान पर राधिका, आर्य पब्लिक स्कूल, बंगाणा, द्वितीय स्थान पर हिमांशु, पी.एम. श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, संतोषगढ़, तृतीय स्थान पर शाहीन, स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, गगरेट, चतुर्थ स्थान पर महक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तलाई शामिल रही।
मुहावरे एवं लोकोक्ति लेखन प्रतियोगिता के परिणाम में प्रथम स्थान पर रिमझिम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अरलू, द्वितीय स्थान पर वर्षा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला कलां, तृतीय स्थान पर मन्नत, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमान्दरी और चतुर्थ स्थान पर श्रद्धा ठाकुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तलाई तथा पहेली लेखन प्रतियोगिता के परिणामों में प्रथम स्थान पर वंशिका, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला कलां, द्वितीय स्थान पर गणेश चैधरी, राजकीय उच्च विद्यालय बणे दी हट्टी, तृतीय स्थान पर नन्दिनी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संघनेई, चतुर्थ स्थान पर वंशिका, स्कॉलर यूनिफाइड स्कूल, अरनियाला ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम में जिला के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक तथा वरिष्ठ साहित्यकार भी उपस्थित रहे।इस दौरान जिला भाषा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं विद्यालयों का आभार व्यक्त करते हुए विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए।