संगरूरः सुनाम के सिविल अस्पताल में इलाज के बदले पैसे लेने वाले डॉक्टर और उसके दो साथियों के विरुद्ध विजिलेंस में मामला दर्ज किया गया है। डॉक्टर और आशा वर्कर को विजिलेंस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। मामला करीब 3 वर्ष पुराना है। वहीं इस मामले को लेकर बताया जा रहा है कि डॉ. अमित सिंगला, ड्राइवर और आशा वर्कर की फोन रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। जांच के बाद डॉ. अमित सिंगला निवासी संगरूर, ड्राइवर हनी निवासी संगरूर और आशा वर्कर वीरपाल कौर निवासी उगराहां के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर विजिलेंस इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने कहा कि डॉ अमित सिंगला और वीरपाल कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
ड्राइवर हनी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोप है कि डॉक्टर ने सरकारी अस्पताल में एक मरीज से अपनी निजी दूरबीन का इस्तेमाल करने के और दूसरे मरीज से सर्जरी के बदले पैसे लिए थे। विजिलेंस जांच में पाया गया कि भादडा की मनप्रीत कौर (मायका गांव उगराहां) पेट में पित्त की पत्थरी का इलाज के लिए 31 अक्टूबर 2022 को आशा वर्कर वीरपाल कौर के साथ सुनाम सिविल अस्पताल गई थी। वहां डॉ. अमित सिंगला ने पित्त की पथरी का ऑपरेशन दूरबीन से करने के लिए 11 हजार रुपए मांगे। उन्होंने पैसे दे दिए। 14 नवंबर को मनप्रीत कौर सुनाम के अस्पताल में दाखिल हो गई। इसी दिन लौंगोवाल की नसीब कौर पत्थरी का ऑपरेशन के लिए अस्पताल में दाखिल हुई। डॉ. अमित ने मनप्रीत कौर का ऑपरेशन दूरबीन और नसीब कौर का ऑपरेशन सर्जरी से कर दिया।
बताया जा रहा हैकि मनप्रीत कौर के परिवार ने साढ़े 12 हजार और नसीब कौर के परिवार ने 6500 रुपए आशा वर्कर वीरपाल को दे दिए। उस दिन डॉ. अमित छुट्टी पर था। इसलिए पैसे ड्राइवर हनी को लेने अस्पताल भेजा। इस दौरान किसी व्यक्ति ने चोरी-छिपे वीडियो बना ली। इसके बाद नसीब कौर को 6 हजार रुपए वापस कर दिए गए। 18 नवंबर को मनप्रीत कौर और नसीब कौर को अस्तपाल से छुट्टी कर दी गई। छुट्टी के दौरान मरीज के परिवारों से डिस्चार्ज स्लिप पर लिखवाया गया कि उनसे इलाज के लिए कोई पैसा नहीं लिया गया है, जबकि आमतौर पर ऐसा नहीं लिखवाया जाता है। जांच में सामने आया कि अस्पताल में पित्त की पथरी का ऑपरेशन करने के लिए कोई भी सरकारी दूरबीन उपलब्ध नहीं थी। डॉ. अमित सिंगला अपनी निजी दूरबीन लेकर अस्पताल आया था।