पैंशनर्ज की सुध बुध नहीं ले रही कांग्रेस सरकार, अपने हकों के लिए पैंशनर्ज को सडक़ों पर उतरना पड़ रहा
ऊना/सुशील पंडित: प्रदेश आपदा से जूझ रहा है और कांग्रेस सरकार उत्सवों पर लाखों रुपए खर्च कर रही है। यह बात भाजपा सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक राजीव वशिष्ठ ने मंगलवार को जारी प्रेस बयान में कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों, सेवानिवृत कर्मचारियों सहित आम जनता की कोई सुध बुध नहीं ले रही है। सरकार के नुमाइंदे अपनी एश-परस्ती में ही मस्त है। विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस नेताओं ने जनता से कई लुभावने वायदे किए थे, जिन्हें अब पूरा नहीं किया जा रहा है। इन्हें सत्ता में आए तीन साल से अधिक समय व्यतीत हो चुका है, लेकिन इनके कोई वायदे पूरे नहीं हुए। युवाओं को रोजगार नहीं मिला। मातृ शक्ति को 1500 रुपए नहीं मिले। आज बेरोजगार युवा सडक़ों पर घूम रहा है।
राजीव वशिष्ट ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को 2016 से 2025 तक रिवाइज्ड पे स्केल, लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन और चिकित्सा बिलों का भुगतान लंबित है। कई कर्मचारियों को रिटायर हुए 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन बकाया अब भी नहीं मिला। इस कारण पेंशनरों ने मजबूरी में धर्मशाला में होने वाली शीतकालीन विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया है। वशिष्ठ ने कहा कि भाजपा हमेशा कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में काम करती आई है। लेकिन कांग्रेस ने हमेशा कर्मचारियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने युवाओ को 58 साल की पक्की नौकरी देने का वायदा किया था, लेकिन सरकार हर विभाग में युवाओं को ‘मित्र’ भर्ती कर पक्षपात कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार लंबित मांगों का जल्द समाधान करें, अन्यथा जनाक्रोश बढ़ेगा।