नेशनल डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की बड़ी हार के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में तनाव लगातार बढ़ रहा है। चुनाव के नतीजों ने न सिर्फ पार्टी बल्कि परिवार के भीतर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एनडीए ने इस चुनाव में 202 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। वहीं, महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। इस हार ने आरजेडी खेमे में हलचल तेज कर दी है।
रोहिणी आचार्य का बड़ा ऐलान
शनिवार को लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर बड़ा धमाका कर दिया। उन्होंने लिखा कि मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। रोहिणी ने यह भी दावा किया कि संजय यादव और रमीज ने उन्हें ऐसा करने को कहा था और वह अब सारा दोष खुद ले रही हैं। उनके इस बयान ने आरजेडी खेमे में सनसनी फैला दी है। पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
I’m quitting politics and I’m disowning my family …
This is what Sanjay Yadav and Rameez had asked me to do …nd I’m taking all the blame’s— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 15, 2025
कौन हैं संजय यादव और रमीज?
संजय यादव तेजस्वी यादव के बेहद करीबी और आरजेडी के राज्यसभा सांसद। चुनाव से पहले उनकी एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वह तेजस्वी की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ वाली बस की फ्रंट सीट पर बैठे थे। रोहिणी ने इसे पार्टी प्रमुख का अपमान बताया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर रोहिणी की खूब ट्रोलिंग भी हुई।
तेजस्वी यादव के पुराने दोस्त हैं रमीज
उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। रोहिणी का दावा है कि संजय और रमीज दोनों ने उन्हें परिवार से अलग होने और राजनीति छोड़ने की सलाह दी
रोहिणी और पार्टी के बीच बढ़ते मतभेद
वायरल तस्वीर के बाद जब रोहिणी ने संजय को ‘जयचंद’ कहा, तब से विवाद और बढ़ गया था। उन्होंने RJD के कई नेताओं – तेजस्वी और लालू – को अनफॉलो भी कर दिया था। कहा जा रहा था कि तभी से परिवार के रिश्तों में खटास आ गई थी।
तेज प्रताप भी संजय यादव पर नाराज
तेज प्रताप भी संजय यादव को ‘जयचंद’ बताते रहे हैं। उनका आरोप है कि संजय यादव की वजह से तेजस्वी ने उन्हें आरजेडी से बाहर किया था।
रोहिणी ने लालू को दिया था किडनी
5 दिसंबर 2022 को रोहिणी ने अपने पिता लालू यादव को किडनी डोनेट की थी। सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ हॉस्पिटल में सफल ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद पूरे देश में उनकी जमकर सराहना हुई। रोहिणी फिलहाल अपने परिवार के साथ सिंगापुर में रहती हैं।
चुनाव प्रचार के लिए वह बिहार आई थीं
उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गईं
तेज प्रताप का तेजस्वी पर हमला
नतीजे आते ही तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को “फेलस्वी” कहा और प्रधानमंत्री मोदी सहित एनडीए नेताओं की तारीफ कर डाली।उनकी इस टिप्पणी के बाद विवाद और गहरा गया।