जालोरः चलती ट्रेन से गिरने से मां-बेटी की मौत का मामला सामने आया है। मृतक महिला बिजनेसमैन की 5 महीने की प्रेग्नेंट पत्नी थी। हादसा कर्नाटक के रायचूर जिले से करीब 90 किलोमीटर दूर यादगिरी और नालवर स्टेशन के बीच हुआ। मां-बेटी के शव वीरवार की शाम को रायचूर जिले में ट्रेन की पटरी के पास मिले। पोस्टमॉर्टम के बाद शव एम्बुलेंस से जालोर के लिए भेजे गए हैं।
जालोर के रामसीन थाना इलाके के बासड़ा-धनजी गांव निवासी मांगीलाल देवासी (35) पत्नी पुष्पा देवी (32), बेटी रवीना (5) और बेटे धर्मेंद्र (9) के साथ आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से जालोर आ रहे थे। वे 9 नवंबर को रात 8:30 बजे अनंतपुर से अहमदाबाद तक चलने वाली ट्रेन में रवाना हुए थे।
रात करीब 10 बजे खाना खाकर पूरा परिवार सीटों पर सो गया। रात करीब 11:30 बजे ट्रेन कर्नाटक के रायचूर जिले से करीब 90 किलोमीटर दूर यादगिरी और नालवर के बीच चल रही थी। इस दौरान रात 11:30 से 12 बजे के बीच बेटी रवीना को बाथरूम के लिए पुष्पा देवी साथ लेकर गईं। इसके बाद नल पर हाथ धोते समय कोच को जोड़ने वाले डिब्बे के बीच में जगह होने से और नल के पास पानी भरा होने से रवीना का पैर फिसल गया। रवीना को बचाने के चक्कर मां पुष्पा देवी आगे बढ़ी और वह भी पानी में फिसल गई। जिसमें कोच के बीच खुली पड़ी जगह से 5 साल की बेटी रवीना और पुष्पा देवी ट्रेन से नीचे गिर गई। जिससे दोनों की मौत हो गई।
इसके बाद रात करीब 12 बजे मांगीलाल देवासी ने देखा कि पास की सीट पर पत्नी पुष्पा व बेटी रवीना नहीं थी। जिसके बाद पूरे डिब्बे में खोजबीन की, लेकिन वे नहीं मिलीं। इसके बाद में रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। रायचूर पुलिस ने 10 नवंबर की रात को गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ। रायचूर में रह रहे जालोर के स्थानीय प्रवासियों को सूचना दी। सभी ने पुलिस के साथ मिल कर खोजबीन शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों के शव 13 नवंबर की शाम करीब 5 बजे कर्नाटक के रायचूर जिले में पहाड़ी इलाके में पटरी के पास झाड़ियों में मिले। यहां पहाड़ी इलाका होने से पटरी के एक और करीब 200 मीटर तक की खाई हैं, जहां शव मिले। पुष्पा देवी 5 महीने की प्रेग्नेंट थी। डॉक्टर ने पुष्पा देवी के पेट से 5 महीने का भ्रूण भी निकाला है।