चंडीगढ़ः शहर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां, पुलिस की बड़ी लापरवाही देखी गई है। दरअसल, 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फांसी की सजा काट रहा कैदी सोनू सिंह देर रात जीएमसीएच-32 से पुलिसकर्मी को धक्का देकर भाग गया। कैदी को लुधियाना सेंट्रल जेल से इलाज के लिए पंजाब पुलिस लेकर आई थी। चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए जुट गई हैं।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के गांव टेसाही बुजुर्ग के रहने वाले सोनू सिंह (29) के खिलाफ सेक्टर-34 थाना पुलिस ने जेल वार्डन मलकीत सिंह की शिकायत पर बुधवार को मामला दर्ज कर लिया है। मार्च 2025 में लुधियाना की एक अदालत ने सोनू को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके साथ साढ़े 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। घटना की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच, जिला क्राइम सेल, ऑपरेशन सेल, सेक्टर-34 थाना पुलिस और पंजाब पुलिस की टीमें हरकत में आ गई। सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस की एक टीम आरोपी के काफी करीब पहुंच चुकी है और जल्द उसकी गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक सोनू सिंह का कुछ समय से सेक्टर-32 अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार रात करीब 11:45 बजे जब पुलिसकर्मी उसे शौचालय ले गए तो सोनू ने धक्का मारकर खुद को छुड़ाया और हथकड़ी निकालकर फेंक दी। जेल स्टाफ के मुताबिक, आरोपी के हाथ पतले होने के कारण हथकड़ी निकल गई। इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड की भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा करने की कोशिश की लेकिन वह अस्पताल से बाहर निकलकर रात के अंधेरे में गायब हो गया।
दुष्कर्म के बाद बेड बाक्स में छिपाई थी बच्ची की लाश
बता दें, आरोपी सोनू ने 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की जघंय घटना को अंजाम दिया था। आरोपी ने पहले बच्ची को घर से बाहर बुलाया था। उसे अपने कमरे में ले जाकर दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी और शव को बेड बॉक्स में छिपाकर भाग गया। बच्ची के लापता होने पर जब पुलिस ने जांच की तो सीसीटीवी में सोनू बच्ची के साथ जाता दिखा। कमरे का ताला तोड़ने पर बेड बॉक्स से शव बरामद हुआ। डीएनए रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी।