चंडीगढ़ः पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव की तारीख अनाउंस करने की मांग को लेकर स्टूडेंट्स द्वारा आज यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं स्टूडेंट के प्रदर्शन में किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल भी यूनिवर्सिटी के बाहर पहुंच गए है। वहीं किसानों सहित स्टूडेंट द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर आने-जाने वाली सारी सड़कें जाम हैं। इस वजह से बच्चों को स्कूल से लाने वाले पेरेंट्स भी फंस गए हैं। वहीं दूसरी ओर स्टूडेंट्स और पुलिस की धक्कामुक्की के बाद पीजीआई के सामने गेट नंबर 1 को तोड़ दिया गया है। हालांकि उन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर गेट पर चढ़ीं, लेकिन स्टूडेंट्स नहीं माने।
इसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़ने वाले प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे पहले स्टूडेंट्स इसी गेट को तोड़कर अंदर घुसे थे। जिस दौरान उनकी पुलिस से धक्कामुक्की हुई थी। हालांकि अब 1 नंबर गेट पूरी तरह खोल दिया गया है। स्टूडेंट्स और प्रदर्शनकारी यहां से यूनिवर्सिटी के भीतर दाखिल हो गए हैं। जिनमें निहंग भी शामिल हैं। मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर फेज 6 में किसानों ने पुलिस का बैरिकेड तोड़ दिया है। अब वह चंडीगढ़ में पीयू की तरफ आ रहे हैं। पुलिस ने पहले उन्हें रोकने की कोशिश की थी लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। किसान नेता बलवीर राजेवाल ने कहा कि मोहाली में हरियाणा पुलिस लगाई गई थी।
चंडीगढ़ में घुसने से रोकने जाने पर निहंग YPS चौक मोहाली की तरफ रवाना हो गए हैं। वहां जाम लगने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने उसे चारों तरफ से बंद कर दिया है। वहीं मोहाली में पुलिस ने एक जज की गाड़ी को भी चंडीगढ़ में नहीं जाने दिया। गाड़ी से ड्राइवर ने उतरकर चंडीगढ़ पुलिस को बताया कि गाड़ी में जज बैठे हैं लेकिन पुलिस ने नहीं जाने दिया। जिसके बाद ड्राइवर गाड़ी वापिस ले गया। पुलिस के इंतजाम देख स्टूडेंट्स ने समर्थकों से अपील की कि पुलिस उन्हें जहां रोकें, वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। रविवार रात भी इसको लेकर स्टूडेंट्स ने हंगामा किया। देर रात तक छात्र यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे।
स्टूडेंट्स के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी में आज (10 नवंबर) और कल, 2 दिन की छुट्टी कर दी गई है। स्टूडेंट्स की कॉल पर उनके समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए 2 हजार मुलाजिम तैनात किए हैं। पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी की गई है। यूनिवर्सिटी में सिर्फ उन्हीं को जाने की इजाजत है, जिनका कोई काम है। उसके लिए भी उनकी ID देखी जा रही है। यह विवाद पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ। इससे स्टूडेंट्स भड़क उठे तो केंद्र सरकार ने यह नोटिफिकेशन वापिस ले लिया था।
