मोहालीः मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप कारोबारी से 8 लाख की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार पूर्व डीआईजी हरचरन सिंह भुल्लर की मुश्किलें लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, सीबीआई द्वारा गिरफ्तार भुल्लर का रिमांड खत्म होने के बाद आज सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट में काफी तक चली सुनवाई के बाद भुल्लर का रिमांड एक बार फिर से 5 दिनों का बढ़ गया है।
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Suspended DIG Harcharan Singh Bhullar Sent to Five-Day CBI Custody Extension
इससे पहले भी सीबीआई कोर्ट ने भुल्लर का सीबीआई को 5 दिन का रिमांड सौंपा था। आज कोर्ट में पेशी के दौरान भुल्लर के साथ बिचौलिए कृष्नु को भी लाया गया। हालांकि कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि भुल्लर का फिर से 5 दिन के पुलिस रिमांड दिया गया। हालांकि, कोर्ट में भुल्लर के वकील ने कहा कि सीबीआई पंजाब में एंटर ही नहीं कर सकती। ऐसे में भुल्लर की गिरफ्तारी इल्लीगल है। जिसके बाद भुल्लर के वकील ने कोर्ट में रिमांड का विरोध भी किया। लेकिन फिर भी कोर्ट ने सीबीआई को दोबारा भुल्लर का 5 दिन का रिमांड सौंपा है।
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सीबीआई के वकील ने कोर्ट में कहा कि जब डीआईजी भुल्लर के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था तो उसके बाद प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व अन्य कई सबूत भी बरामद किए थे। पुलिस के घर पर रेड कर कैश और ज्वेलरी बरामद की थी। दूसरी ओर पूर्व डीआईजी वकील एचएस धनोआ ने कहा कि सीबीआई ने जो केस दर्ज किया है, उन दस्तावेजों के अंदर शिकायतकर्ता के एक पेज पर साइन ही नहीं है, उसके अलावा टाइमिंग भी मैच नहीं हो रही है। फिर उन्होंने पंजाब विजिलेंस की FIR दिखाते हुए कहा कि इसमें किस तरह से टाइम और साइन किए हुए हैं।
पंजाब विजिलेंस ने मोहाली सीजेएम की कोर्ट में 2 घंटे के लिए पूछताछ की परमिशन ली थी। उसके बाद जब दोबारा प्रोडक्शन वारंट के लिए एप्लिकेशन दी तो सीबीआई ने चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की एप्लिकेशन दायर कर दी। उन्होंने कहा कि सीबीआई पंजाब में एंटर ही नहीं हो सकती तो भुल्लर की गिरफ्तारी कैसे कर ली। सीबीआई को इस बारे में पंजाब सरकार को पहले बताना चाहिए था क्योंकि शिकायतकर्ता पंजाब का डीआईजी है। यह पंजाब का मामला है। सीबीआई ने डीआईजी की इल्लीगल अरेस्ट डाली है।
वहीं सीबीआई के वकील ने कहा कि अगर कोई रिश्वत मांगता है और वह चाहे कोई भी हो, छोटा अधिकारी या बड़ा, और वह किसी भी स्टेट का हो, सीबीआई का दायरा है, उसकी अरेस्ट डाल सकती है। इस केस में पंजाब विजिलेंस कुछ ना करें तो इसका मतलब यह नहीं की सीबीआई भी कुछ ना करे। उन्होंने कहा कि डीआईजी भुल्लर की पहली पोस्टिंग कहां थी, उस समय उनकी कितनी सैलरी थी और उस समय उनके पास कितनी प्रॉपर्टी थी, अब कितनी है, सबकी जांच हो रही है। सीबीआई ने डीआईजी भुल्लर को अरेस्ट करने के बाद उनकी बैंक स्टेटमेंट खंगाली थी जो, इनका सैलरी अकाउंट चंडीगढ़ सेक्टर 9 में है, वह भी देखा। उसमें पता चला कि अगस्त-सितंबर में 2 महीने के अंदर 32 लाख रुपए आए, ये कहां से आए हैं।